रतलाम: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे लगातार हादसों की वजह बनता जा रहा है। तेज रफ्तार और लंबी दूरी के सफर को आसान बनाने के लिए बनाए गए इस एक्सप्रेस-वे पर रविवार को महज कुछ घंटों के अंतराल में दो गंभीर सडक़ दुर्घटनाएं हुईं। इनमें एक 14 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हो गए। लगातार हो रहे हादसों ने एक बार फिर एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था और वाहन चालकों की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहला हादसा: धामनोद टोल से पास, कार अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते खाई में गिरी
हादसा रावटी थाना क्षेत्र में धामनोद टोल से करीब 25 किलोमीटर आगे हुआ। बिहार के गोपालगंज निवासी विक्की कुमार अपने परिवार के साथ सूरत लौट रहे थे। सुबह करीब साढ़े चार बजे उनकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर की रेलिंग तोड़ते हुए लगभग 20 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में उनकी 14 वर्षीय पुत्री दीपा कुमारी की मौत हो गई, जबकि पत्नी रानी देवी सहित परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए। विक्की कुमार के अनुसार एक ट्रक के ओवरटेक करने के दौरान वाहन को किनारे लेने की कोशिश में कार नियंत्रण से बाहर हो गई।
दूसरा हादसा:ग्राम पलसोड़ी के पास, ट्रेवलर अनियंत्रित खंभे से टकरा पलटा
हादसा दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र के ग्राम पलसोड़ी के पास हुआ। मथुरा-वृंदावन दर्शन कर सूरत लौट रहा ट्रेवलर वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सडक़ किनारे लगे खंभे से टकराने के बाद पलट गया। दुर्घटना में चालक सहित छह लोग घायल हुए। हादसे के कारणों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। चालक ने सडक़ पर कुत्ता आने की बात कही, जबकि एक्सप्रेस-वे कर्मचारियों ने टायर फटने की आशंका जताई है।चिंता की बात यह है कि मई माह में ही रतलाम जिले के हिस्से में एक्सप्रेस-वे पर यह चौथा बड़ा हादसा है। इससे पहले 5 मई और 16 मई को हुई दुर्घटनाओं में भी तीन लोगों की जान जा चुकी है।
