
जावरा। शहर के सबसे व्यस्ततम चौपाटी-गांधी उद्यान दुर्गा माता मंदीर चौराहे पर गांधी कॉलोनी के पास नगर पालिका की लापरवाही हादसों को खुला निमंत्रण दे रही है।
10 मई को नाली जाम होने की बात कहकर जेसीबी से खुदाई तो कर दी गई, लेकिन 22 दिन बाद भी गड्ढा खुला पड़ा है। शनिवार और रविवार को हुई प्री-मानसून की बारिश के बाद खुले गड्ढे में पानी भरने से जलजमाव की स्थिति बन गई है, जिससे खतरा और बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार 10 मई को नगर पालिका कर्मचारियों ने नाली जाम होने का हवाला देकर गांधी कॉलोनी के पास नाली की खुदाई की थी।
जेसीबी से गहरा गड्ढा खोदने के बाद कर्मचारी उसे खुला छोडक़र चले गए। तब से न तो मलबा हटाया गया, न ही गड्ढे को पाटा गया और न कोई सुरक्षा घेरा लगाया गया।
स्थानीय लोगों में आक्रोश: रहवासियों का कहना है कि शिकायत के बाद भी नगर पालिका ने सुध नहीं ली। खुदाई कर चले गए, अब कोई देखने नहीं आया। बारिश में गड्ढा दिखता ही नहीं, अगर कोई बच्चा या वाहन गिर गया तो जिम्मेदार कौन होगा? स्थानीय व्यापारी ने नाराजगी जताई।
नगर पालिका से मांग : क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि जनहित में तत्काल गड्ढे को पाटकर सडक़ दुरुस्त की जाए, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। मानसून नजदीक है और प्री-मानसून बारिश शुरू हो चुकी है, ऐसे में खुला नाला जलभराव की समस्या और बड़ा रूप ले सकता है।
व्यस्ततम चौराहे पर खतरा
चौपाटी गांधी उद्यान दुर्गा माता मंदीर चौराहा चोपाटी का सबसे व्यस्ततम इलाका है। दिनभर यहां से सैकड़ों वाहन और राहगीर गुजरते हैं। स्कूल-कॉलेज के बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी इसी रास्ते से निकलते हैं। 22 दिन से खुले पड़े इस गहरे गड्ढे में बारिश का पानी भरने से अब हादसे की आशंका दोगुनी हो गई है। रात के समय खतरा और बढ़ जाता है।
