सीमावर्ती जिलों में जनसांख्यिकी बदलाव की सख्त निगरानी करें जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक: शाह

नयी दिल्ली 30 मई (वार्ता) केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-पाकिस्तान सीमा से लगे गुजरात के भुज में शनिवार को सीमावर्ती एवं तटीय जिलों से जुड़े सुरक्षा संबंधी विषयों पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की जिसमें राज्य सरकार , विशेष रूप से जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक की सक्रिय एवं प्रभावी भमिका पर बल दिया गया।

श्री शाह ने बैठक में कहा कि सीमा पर बाड़ लगाने, समुद्री सीमा सुरक्षा और राज्य सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति से गुजरात के सुरक्षा परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है और राज्य में घुसपैठ तथा सीमा पर तस्करी पूरी तरह बंद हो गई है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के 15 किलोमीटर क्षेत्र में हर अनधिकृत अतिक्रमण के प्रति ” जीरो टॉलरेंस अप्रोच” रखकर उसे समाप्त किया जाए। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में कट्टरपंथ के केंद्रों पर पैनी नजर रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

गृह मंत्री ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में जिला मजिस्ट्रेट को जनसांख्यिकी परिवर्तन की सख्त निगरानी एवं नियमित रिपोर्टिंग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों के आने के कारण हो रहा ‘रिवर्स माइग्रेशन ‘ स्वागतयोग्य है। उन्होंने कहा कि पहले से बसे घुसपैठियों को वापस भेजने के कार्य में पुलिस स्टेशन से लेकर पटवारी तक, सब एकजुट होकर आगे आएं। उन्होंने कहा कि हर सीमावर्ती जिले की चुनौतियों और जरूरतों के आधार पर स्थानीय प्रशासन मानक प्रक्रिया तैयार करे, जिसमें पहले से बसे घुसपैठियों, ड्रोन और नार्को की पहचान करना सुनिश्चित हो।

श्री शाह ने कहा कि हर जिले में सुरक्षा समन्वय समूह बनाए जाएं, जिसमें बीएसएफ, तटरक्षक बल, आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय और प्रमुख बैंकों के मैनेजर को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि आयकर , धन शोधन और कस्टम कानूनों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक और पुलिस महानिरीक्षक बॉर्डर रेंज की होनी चाहिए।

उन्होंने सीमावर्ती जिलों में हवाला लेनदेन, म्यूल खातों, शेल कंपनियों, संदिग्ध वाहनों और जीएसटी संग्रहण पर कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराध से निपटने वाली एजेंसियों को सीमा क्षेत्रों के बारे में कड़ाई से सूचित किया जाए और आयकर विभाग , रिजर्व बैंक के साथ मिलकर सर्वेक्षण की बड़ी मुहिम चलाए।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा से निकटता को ध्यान में रखते हुए तटीय सुरक्षा और भारतीय तटरक्षक बल के साथ प्रभावी समन्वय पर जोर देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज के साथ-साथ केन्द्र और राज्य सरकार की हर योजना का सीमांत गांवों में 100 प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित होनी चाहिए।

इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

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