गडचिरोली बनेगा भारत का ‘ग्रीन स्टील हब’, चीन के एकाधिकार को चुनौती देंगे मुख्यमंत्री फडणवीस, विदर्भ में अगले 5 वर्षों में पैदा होंगी 5 लाख नई नौकरियां

नागपुर | नागपुर में आयोजित ‘एडवांटेज विदर्भ 2026’ महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक क्रांतिकारी विजन पेश किया। उन्होंने घोषणा की कि नक्सल प्रभावित गड़चिरोली जिले को ‘ग्रीन स्टील हब ऑफ इंडिया’ के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य यहाँ स्टील का ऐसा संपूर्ण इकोसिस्टम तैयार करना है, जिससे पूरी दुनिया को चीन की तुलना में भी कम दरों पर उच्च गुणवत्ता वाला स्टील उपलब्ध कराया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि गड़चिरोली का आयरन ओर विश्व स्तरीय है और यहाँ उद्योगों के आने से न केवल नक्सलवाद खत्म होगा, बल्कि यह क्षेत्र वैश्विक निर्यात का केंद्र बनेगा।

विदर्भ अब मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के नए पावरहाउस के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि महिंद्रा एंड महिंद्रा नागपुर में अपनी इंटीग्रेटेड ऑटोमोबाइल सुविधा शुरू कर रही है, जहाँ नेक्स्ट-जेनरेशन इलेक्ट्रिक गाड़ियां और ट्रैक्टर बनाए जाएंगे। इसके साथ ही, अमरावती में एशिया का सबसे बड़ा पायलट ट्रेनिंग सेंटर और पीएम मित्रा योजना के तहत एक बड़ा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से नागपुर, अमरावती, और अकोला जैसे जिलों में औद्योगिक क्रांति आएगी, जिससे पुणे के बाद अब विदर्भ देश का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल इकोसिस्टम बनने की ओर अग्रसर है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस अवसर पर विदर्भ के युवाओं के लिए खुशहाली का मार्ग प्रशस्त करते हुए कहा कि अगले पांच वर्षों में इस क्षेत्र में 5 लाख नौकरियों के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने प्रत्येक जिले की विशिष्ट क्षमताओं, जैसे कपास और खनिजों के आधार पर उद्योग विकसित करने पर जोर दिया। गडकरी ने स्पष्ट किया कि निवेश के साथ-साथ कुशल मानव संसाधन (Skilled Manpower) तैयार करना हमारी प्राथमिकता है। इस दौरान अदाणी ग्रुप के निदेशक जीत अदाणी सहित देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपति भी मौजूद रहे, जिन्होंने विदर्भ के विकास में बड़ी भागीदारी निभाने का संकल्प दोहराया।

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