
छिंदवाड़ा/धनोरा। मांस के लिए गौ माता की भी हत्या कर रहे है. जी हां ऐसा ही एक मामला चौकी धनोरा क्षेत्र के ग्राम दामखोह में देखने को मिला जहां कुछ लोगों ने मिलकर मांस के लिए गौ माता की हत्या कर दिया.उक्त मामले की सूचना के बाद पुलिस ने कार्रवाई कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. धनोरा चौकी प्रभारी दुर्गेश तिवारी ने बतया कि ग्राम घोरावाड़ी निवासी अनेश उईके ने चौकी में शिकायत दर्ज कराया था कि उसने एक माह पूर्व अपने मामा के गांव ग्राम दामखोह से एक लाल रंग की गाय लेकर अपने घर ग्राम घोरावाड़ी आया था. गाय घर लाने के कुछ दिन बाद गाय वापस ग्राम दामखोह चली जाने लगी जिसके लिए उसने गाय को एक मजबूत रस्सी से बांध दिया था लेकिन वह 28 मई को रस्सी तोड़ कर कहीं चली गई. घर के कोठे में गाय नही होने पर अनेश उईके गाय की तलाश करता हुआ ग्राम दामखोह के पास स्थित हरद नदी पहुंचा जहां उसने नदी के पास एक मकान में पहुंचा तो उसके गाय का चमड़ा सहित गाय का गिरमा दिखाई दिया. गिरमा और चमड़ा देखकर उसने अपने गाय के कटे अवशेष पहचान लिया फिर इस बात की धनोरा चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज करा दिया. शिकायत मिलने के बाद पुलिस जांच पड़ताल में हुट गई.
मकान मालिक ने खोल राज ०००००
पुलिस ने बताया कि जहां गाय के अवशेष मिले थे उस मकान के मालिक ग्राम दामखोह निवासी भूपेंद्र पिता शिवलाल सरेआम 30 वर्ष को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी. पूछताछ में भूपेन्द्र सरेआम ने अपने अन्य 7 साथियों के साथ मिलकर गाय को मांस के लिए काटने की बात कबूल कर दिया जिसके बाद पुलिस ने आरोपी शिवलाल पिता त्रिलोकचंद सरेआम 59 वर्ष, आरोपी नारायण पिता बखतलाल ऊईके 45 वर्ष, आरोपी सोमरथ पिता चुन्नीलाल मरावी 50 वर्ष, आरोपी दश्मन पिता गयाचंद इनवाती 40 वर्ष, आरोपी रामकिशन पिता जगदीश इनवाती 45 वर्ष , आरोपी संजू पिता दकलू नवरेती 25 वर्ष, आरोपी सुरेश पिता श्रीराम सरेआम 35 वर्ष को गिरफ्तार कर उनके पास से गाय के कटे अवशेष सहित गाय का चमड़ा जब्त कर सभी आरोपियों के खिलफ अपराध क्रमांक 87/26 के तहत धारा 325 बीएनएस, मध्यप्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4, 5 एवं 9 तथा पशु क्रुरता निवारण अधिनियम की धारा 11(घ) के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया.
क्षेत्र में निकाला गया जुलूस
मांस के लिए गाय की हत्या करने का कुकर्म करने पर क्षेत्र में आक्रोष व्याप्त है बजरंगदल सहित हिंदू संगठन के कार्यकर्ता धनोरा चौकी पहुंच गए और उन्होंने आरोपियों के खिलाफ शख्त कार्रवाई करने के लिए जमकर नारेबाजी की. वहीं पुलिस ने भी आरोपियों के खिलाफ शख्त कार्रवाई कर उनका क्षेत्र में जुलूस निकाला ताकी ऐसा कृत्य कोई दोबारा ना कर सके.
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस पूरे मामले में थाना प्रभारी अनिल सिंह राठौड़, धनोरा चौकी प्रभारी दुर्गेश तिवारी, आरक्षक सचिन, आरक्षक श्याम एवं प्रधान आरक्षक हितेश शर्मा की विशेष भूमिका रही. पुलिस अधिकारियों की तत्परता और संयुक्त कार्रवाई से मामले का शीघ्र खुलासा हो सका.
