
रतलाम। स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में रतलाम पुलिस ने एक और बड़ा कदम उठाया है। अब आपराधिक प्रकरणों की जांच पारंपरिक कागजी प्रक्रिया के बजाय डिजिटल माध्यम से होगी।
पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ करीब 320 अनुसंधानकर्ताओं को ‘ई-विवेचना’ टैबलेट वितरित किए जा रहे हैं। ई-विवेचना प्रणाली के जरिए विवेचना अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचते ही आवश्यक दस्तावेज तैयार कर उन्हें सीधे सिस्टम पर अपलोड कर सकेंगे। केस डायरी, नक्शा मौका, गिरफ्तारी पत्रक, जप्ती पंचनामा, अभियुक्त सूचना पत्र, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही, एमएलसी और मर्ग जांच पत्रक जैसी प्रक्रियाएं अब डिजिटल रूप से संपादित होंगी। टैबलेट की मदद से घटनास्थल के फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी तत्काल संकलित कर मुख्य सर्वर पर अपलोड किए जा सकेंगे। इससे जांच प्रक्रिया तेज होने के साथ साक्ष्यों के संरक्षण और दस्तावेजीकरण की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
ई-विवेचना एप सीधे सीसीटीएनएस से जुड़ा हुआ है, जिससे विवेचना संबंधी समस्त जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को रियल टाइम में उपलब्ध होगी। इससे प्रकरणों की मॉनिटरिंग और समीक्षा भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। इन टैबलेट्स में ई-विवेचना के अलावा ई-रक्षक और ई-साक्ष्य जैसे महत्वपूर्ण एप भी उपलब्ध हैं। इनके माध्यम से अपराधियों का रिकॉर्ड देखने तथा डिजिटल साक्ष्यों के प्रबंधन में सुविधा मिलेगी।
25 ई-विवेचना टैबलेट्स से अब तक 9 हजार से अधिक डिजिटल विवेचना कार्रवाईयां की
जिले को पूर्व में मिले 25 ई-विवेचना टैबलेट्स के माध्यम से अब तक 9 हजार से अधिक डिजिटल विवेचना कार्रवाईया सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी हैं। पुलिस का मानना है कि नई व्यवस्था से जांच अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी, वहीं आमजन को भी बेहतर पुलिस सेवाओं का लाभ मिलेगा।
