
मुंबई, 18 जुलाई (वार्ता) अमेरिका में फेडरल रिजर्व की नीतियों और ट्रंप प्रशासन की आयात शुल्क संबंधी घोषणाओं को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन बिकवाली हावी रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 0.61 प्रतिशत और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 0.57 प्रतिशत लुढ़ककर एक महीने के निचले स्तर पर बंद हुये।
मुनाफावसूली के कारण बाजार में आज शुरू से ही गिरावट देखी गई। सेंसेक्स करीब 66 अंक की गिरावट में 82,259.24 अंक पर खुला और शुरुआती कारोबार में 82,334.75 अंक को छूने के बाद लगातार लाल निशान में रहा। एक समय यह गिर कर 81,608.13 अंक तक चला गया था। अंत में कल के मुकाबले 501.51 अंक की गिरावट के साथ 81,757.73 अंक पर बंद हुआ।
निफ्टी-50 का ग्राफ भी सेंसेक्स जैसा ही रहा। यह 143.05 अंक टूटकर 24,96840 अंक पर बंद हुआ। दोनों सूचकांकों का यह 19 जून के बाद का निचला स्तर है।
निफ्टी-50 भी 23 जून बाद पहली बार 25,000 अंक से नीचे उतरा है। एनएसई में आईटी, धातु और मीडिया को छोड़कर अन्य सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। आईटी और धातु समूहों के साथ चुनिंदा बैंकिंग कंपनियों के शेयर भी चढ़े जिससे बाजार को समर्थन मिला।
जियोजित इनवेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर के अनुसार, निवेशक अभी सतर्कता बरत रहे हैं। वे देखना चाहते हैं कि रूस के साथ भारत के व्यापार जारी रखने पर अमेरिका किस प्रकार का टैरिफ लगाता है।
विदेशी बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलने के बावजूद घरेलू स्तर पर ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली देखी गयी। सेंसेक्स की 30 में से 23 कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही। एक्सिस बैंक के शेयर सबसे ज्यादा 5.24 प्रतिशत लुढ़के। ज्यादा गिरावट वाली अन्य कंपनियों में बीईएल, एयरटेल, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल है। बजाज फाइनेंस और टाटा स्टील में सबसे अधिक तेजी रही।
बजाज ब्रोकिंग रिसर्च ने बताया कि जुलाई में एफआईआई ने भारतीय पूंजी बाजार से पैसा निकाला है जिससे शेयर बाजारों पर दबाव है। संभवतः वे जोखिम से बचने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
एनएसई में ज्यादा शेयरों वाले अधिकतर सूचकांक भी दबाव में रहे। निफ्टी-100 में 0.59 प्रतिशत, निफ्टी मिडकैप-100 में 0.70 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप-100 में 0.82 प्रतिशत की गिरावट आयी।
एक्सिस बैंक के शेयरों में भारी बिकवाली से एनएसई में निजी बैंक सूचकांक 1.46 प्रतिशत टूट गया। वित्तीय सेवाओं और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों के सूचकांक भी करीब एक प्रतिशत लुढ़क गये।
वैश्विक स्तर पर जापान के निक्केई की 0.21 प्रतिशत की गिरावट को छोड़कर ज्यादातर प्रमुख एशियाई और यूरोपीय बाजारों में लिवाली का जोर रहा। हांगकांग का हैंगसेंग 1.33 फीसदी और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.50 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों शुरू में तेजी में चल रहे थे।
