नयी दिल्ली, 30 मई (वार्ता) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार राजधानी के प्रत्येक नागरिक तक पर्याप्त पेयजल पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। श्रीमती गुप्ता ने आज यहां मुख्यमंत्री सेवा सदन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राजधानी में उत्पन्न पेयजल संबंधी चुनौतियों और जल आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।इस दौरान मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि यमुना में वजीराबाद के निकट जल उपलब्धता प्रभावित होने के कारण आपूर्ति पर दबाव बना है। इस संबंध में उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से बातचीत की, जिसके परिणामस्वरूप हरियाणा सरकार ने मुनक नहर के माध्यम से दिल्ली को न्यूनतम 1,000 क्यूसेक जल आपूर्ति बनाए रखने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के हितों की रक्षा और पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली जल बोर्ड के 980 से अधिक जल टैंकर प्रतिदिन 6,000 से अधिक ट्रिप संचालित कर रहे हैं। घनी आबादी और संकरी गलियों वाले क्षेत्रों में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए छोटे टैंकर भी तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त यमुना खादर क्षेत्र में अतिरिक्त बोरवेल स्थापित कर प्रतिदिन 10.5 एमजीडी जल उत्पादन क्षमता बढ़ाई गई है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जल रिसाव की प्रत्येक घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल की एक-एक बूंद बहुमूल्य है और किसी भी प्रकार की बर्बादी स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी प्रतिदिन प्राप्त होने वाली शिकायतों की व्यक्तिगत निगरानी करें तथा जरूरत पड़ने पर स्वयं क्षेत्र में जाकर स्थिति का सत्यापन करें। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले एक सप्ताह में दिल्ली जल बोर्ड हेल्पलाइन पर 11,055 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 8,500 से अधिक शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने शेष शिकायतों के भी त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्तमान परिस्थितियों से निपटने के लिए अल्पकालिक उपायों के साथ-साथ दीर्घकालिक जल प्रबंधन योजनाओं पर भी समान गति से कार्य किया जाए, ताकि तत्काल राहत के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को भी प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके। इसके अंतर्गत हरियाणा से पाइपलाइन के माध्यम से जल लाने की व्यवहार्यता का अध्ययन किया जा रहा है, जिससे जल हानि और रिसाव को कम किया जा सके।
श्रीमती गुप्ता ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए दिल्ली जल बोर्ड को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संकट का स्थायी समाधान केवल आपूर्ति बढ़ाने से नहीं, बल्कि जल के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण से भी संभव है।

