भोपाल। राजधानी भोपाल में खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक जांच अभियान चलाया. आयुक्त खाद्य सुरक्षा के निर्देश पर संभागीय उड़नदस्ता प्रभारी पंकज श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने एक दर्जन से अधिक स्थानों पर औचक निरीक्षण कर आइसक्रीम एवं अन्य खाद्य उत्पादों के नमूने एकत्र किए.
गर्मी के मौसम में आइसक्रीम की बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग का विशेष फोकस इस उत्पाद की गुणवत्ता और शुद्धता पर रहा. कार्रवाई के दौरान थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के साथ-साथ खाद्य उत्पाद निर्माण इकाइयों की भी जांच की गई. टीम ने जेके रोड स्थित महाकाल इंटरप्राइजेज से हैट्सन एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड द्वारा निर्मित कसाटा स्लाइस और पिस्ता टब आइसक्रीम के नमूने लिए. वहीं कटारा हिल्स स्थित रिलायंस रिटेल से अमूल तथा लहारपुर स्थित सनी इंटरप्राइजेज से क्वालिटी वॉल्स ब्रांड की आइसक्रीम के सैंपल संग्रहित किए गए.
सभी नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है. जांच रिपोर्ट में गुणवत्ता संबंधी अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी.
निर्माण इकाइयों की भी हुई जांच
जिला खाद्य सुरक्षा दल ने हूजूर, कोकता और आनंदपुरा क्षेत्र में संचालित आइसक्रीम एवं डेयरी उत्पाद निर्माण इकाइयों का भी निरीक्षण किया. इस दौरान स्टॉक, उत्पादन प्रक्रिया, स्वच्छता व्यवस्था और खाद्य मानकों के अनुपालन की जांच की गई. कमियां पाए जाने पर संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर 14 दिनों के भीतर सुधार के निर्देश दिए गए हैं. निर्धारित अवधि में निर्देशों का पालन नहीं होने पर उनके लाइसेंस निलंबित किए जा सकते हैं.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उत्पादों की पैकेजिंग पर अंकित तकनीकी जानकारी और लेबलिंग की भी बारीकी से जांच की. विभाग के अनुसार गर्मियों में फ्रोजन डेजर्ट को आइसक्रीम बताकर बेचने की शिकायतें अक्सर सामने आती हैं, इसलिए इस पहलू पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.
