
इंदौर:कांग्रेस ने शुक्रवार को शहर की वॉटर ऑडिट रिपोर्ट जारी करते हुए दावा किया कि इंदौर के विभिन्न क्षेत्रों के 29 वार्डों में पानी की गुणवत्ता चिंताजनक पाई गई है। रिपोर्ट के अनुसार जांच किए गए करीब 98 प्रतिशत पानी के नमूने पीने योग्य नहीं मिले।कांग्रेस की ओर से शहर के अलग-अलग मोहल्लों और कॉलोनियों से बोरिंग तथा नर्मदा जल के 250 सैंपल एकत्र कर जांच के लिए दिल्ली स्थित यूनिग्लोब एनालिटिका प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा की लैब भेजे गए थे।
एक लीटर की बोतलों में लिए गए इन नमूनों की जांच रिपोर्ट में ई-कोलाई, टोटल कोलीफॉर्म, नाइट्रेट, आयरन और फ्री रेसिडुअल क्लोरीन जैसे तत्व निर्धारित मानकों से अधिक पाए जाने का दावा किया गया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि दूषित पानी के लगातार सेवन से डिमेंशिया, कैंसर, गैस्ट्रो संबंधी बीमारियां और अल्जाइमर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इंदौर में पहली बार इतने बड़े स्तर पर वॉटर ऑडिट कराया गया है और इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है। उनका दावा है कि इससे शहर में लोगों को सप्लाई हो रहे पानी की वास्तविक स्थिति सामने आई है।
