नयी दिल्ली, 2 मई (वार्ता) भारत और दक्षिण कोरिया ने द्विपक्षीय व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सेपा) की समीक्षा और उसे उन्नत बनाने के लिए राजधानी में 12वें दौर की बातचीत में डिजिटल व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला और रणनीतिक औद्योगिक परिचालन के विषय में बातचीत के लिए अलग-अलग उप समूह बनाने का निर्णय किया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार दोनों पक्षों ने रचनात्मक एवं सहयोगपूर्ण भावना के साथ हुई समीक्षा वार्ता की प्रगति की समीक्षा की और एक संतुलित और भविष्योन्मुखी व्यापारिक भागीदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह प्रतिबद्धता दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यांग की साझा सोच को दर्शाती है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और दक्षिण कोरिया के व्यापार मंत्री येओ हान-कू ने इसी साल 20 अप्रैल को कारियायी राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान जारी संयुक्त घोषणा-पत्र के मुताबिक सेपा को उन्नत बनाने की बातचीत तेज करने की प्रतिबद्धता जतायी थी। इसी परिप्रेक्ष्य में वार्ता का 12वां दौर 25–27 मई तक नयी दिल्ली में आयोजित किया गया था। इसमें भारतीय दल का नेतृत्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में संयुक्त सचिव कपिल चौधरी और कोरिया के अंतराष्ट्रीय व्यापार और उद्योग तथा ऊर्जा मंत्रालय में महानिदेश निदेशक (व्यापार समझौता नीति) पार्क ग्यून-ओह ने किया ।
दोनों पक्षों ने स्वीकार किया कि 2010 में हुए भारत-कोरिया सेपा समझौते के बाद दक्षिण कोरिया व्यापार द्विपक्षीय व्यापार में भारत का व्यापार घाटा लगातार बढ़ा है। दोनों पक्ष इसी समझौते के अंतर्गत इस मुद्दे का समाधान निकालने पर सहमत हुए हैं। इस दौर की बातचीत में वस्तु और सेवा व्यापार , उत्पाद की उत्पत्ति के स्थान संबंधी नियम और उद्गम की प्रक्रिया (ओपी), निवेश , और स्वच्छता और पैकेजिंग के नियमों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने सेपा को उन्नत बनाने की बातीचीत समयबद्ध तरीके से पूरा करने फैसला किया है।”

