भोपाल। ट्विशा शर्मा मौत मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। बुधवार को दिन में हुई सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसके बाद देर रात आदेश जारी करते हुए जमानत निरस्त कर दी गई।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब सीबीआई मुख्य आरोपी समर्थ सिंह के साथ उसकी मां गिरिबाला सिंह को भी गिरफ्तार करने की तैयारी में है। मामले की जांच पहले से सीबीआई कर रही है और अदालत के इस आदेश को जांच एजेंसी के लिए अहम माना जा रहा है।
अपने आदेश में हाईकोर्ट ने कहा कि अग्रिम जमानत एक असाधारण राहत होती है और ऐसे मामलों में यह देखना जरूरी होता है कि आरोपी द्वारा अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित करने, मृतका के परिजनों को धमकाने, जांच में बाधा डालने या न्याय से बचने की आशंका तो नहीं है। अदालत ने माना कि इस मामले में इन संभावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मामला अत्यंत गंभीर और जघन्य प्रकृति का है, जो समाज में अब भी मौजूद मध्ययुगीन मानसिकता और दहेज जैसी कुप्रथाओं को उजागर करता है। अदालत ने कहा कि प्रत्येक मामले के अपने तथ्य होते हैं, लेकिन वर्तमान प्रकरण में लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत जारी रखना उचित नहीं है।
हाईकोर्ट ने 15 मई 2026 को 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, भोपाल द्वारा पारित अग्रिम जमानत आदेश को निरस्त कर दिया। यह मामला अपराध क्रमांक 133/2026 तथा एफआईआर क्रमांक RC0522026S0004 से संबंधित है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 80(2), 85, 3(5) और दहेज निषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 एवं 4 के तहत अपराध दर्ज हैं।
अदालत ने दोनों याचिकाओं को स्वीकार करते हुए उनका निराकरण कर दिया।
