सीहोर। ग्राम छतरपुर में जारी सात दिवसीय भागवत कथा के अंतिम दिवस भंडारे का आयोजन किया गया.
इस मौके पर जगदगुरु पंडित अजय पुरोहित ने कहाकि मित्रता हो तो श्रीकृष्ण सुदामा जैसी. यह कलयुग में मित्रता का अनूठा उदाहरण है. जिसमें सच्चा मित्र वही है जो अपने मित्र का मुसीबत में साथ दे. कथा श्रवण कर श्रोता भाव विभोर हो गए. कथा के समापन के पूर्व भगवान की आरती की गई। कथा में श्रद्धालु जम कर नाचे. महाआरती के बाद कथा का समापन हुआ. कथा के अंतिम दिवस जगद गुरु पंडित श्री पुरोहित ने भगवान श्री कृष्ण के जीवन से शिक्षा लेने की बात कही. उन्होंने कहा भगवान श्री कृष्ण का जीवन संघर्ष पूर्ण रहा.जन्म से लेकर जीवन पर्यंत कठिन समस्याओं का सामना किया. सबके साथ रहते हुए भी निर्लिप्त रहे और योगेश्वर कहलाए. कथा में भगवान के विभिन्न लीलाओं से सीख लेने और जीवन में उतरने की सलाह दी. कथा के अंतिम दिवस उन्होंने भगवान कृष्ण और उद्धव के सुंदर प्रसंग का वर्णन किया. पं. अजय पुरोहित के मुखारबिंद से श्रीमद भागवत कथा के अंतिम दिन आसपास के भी अनेक गावों से श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंचे थे. नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर और जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने भी कथा श्रवण किया.
