जबलपुर:बरेला थाना अंतर्गत बरगी मार्ग के समीप नेंगई सिरौरा स्थित निसर्ग वॉटर फॉल में 24 को स्वीमिंग पूल में लगे स्लाइडर के पोल में अचानक करंट आने से हुई युवक की मौत के मामले में पुलिस ने पूर्व तहसीलदार-संचालक एवं मैनेजर समेत तीन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच में पाया गया कि दौड़ रहे लापरवाही के करंट से घर का चिराग बुझा था। जिम्मेदारों को हादसे के पहले से करंट की जानकारी थी। यहां तक की कटे फटे तारों की भी खबर थी लेकिन जिम्मेदारों ने अनदेखी बरती जिसके चलते हादसा हुआ।
विदित हो कि रांझी निवासी नीरज मेहरा रविवार को अपने दोस्तों मोहनिया सुभाष नगर निवासी साजन विश्वकर्मा (20), अभिषेक सेन और विनीत विश्वकर्मा के साथ दोपहर निसर्ग रिसोर्ट घूमने पहुंचा था। साजन निजी काम करता था, उसका रविवार को अवकाश था। इसके चलते वह घूमने जाने के लिए तैयार हो गया। रिसोर्ट पहुंचने के बाद सभी ने टिकट लेकर स्वीमिंग पूल में प्रवेश किया था और पहले एक पूल में स्नान किया था इसके बाद वे दूसरे पूल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान स्लाइडर के नीचे लगे लोहे के पोल से साजन का हाथ टकरा गया था।
पोल में करंट होने से उसे जोरदार झटका लगा था और वह मौके पर ही गिर पड़ा था उसे घायल देखकर दोस्त तुरंत मदद के लिए दौड़े। रिसोर्ट प्रबंधन से एंबुलेंस के लिए बोला था। उन्होंने मदद नहीं की तो दोस्त मोटरसाइकिल से साजन को बरेला के एक अस्पताल तक लेकर गए थे जहां से उसे रेफर कर दिया गया था। विक्टोरिया अस्पताल पहुंचने पर साजन ने दम तोड़ दिया था। आरोप यह भी था कि रिसोर्ट में सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती गई। मौके पर आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। यहां तक तक बड़ी घटना पर भी रिसोर्ट प्रबंधन एवं वहां के किसी कर्मी ने साजन को बचाने में दोस्तों की मदद नहीं की।
तार कटे थे, करंट की खबर थी, बेपरवाह बने थे जिम्मेदार-
विवेचक वीरेन्द्र सिंह उईके ने बताया कि उक्त वॉटर फॉल पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी का है। जिसका मैनेजर मनीष पटेल है। जबकि यहां घूमने पहुंंचने वालों की पर्ची नीलेश पटेल काटता था । अब तक की जांच में लापरवाही सामने आई। स्लाइडर के नीचे लगे लोहे के पोलके आसपास तार कटे हुए थे। करंट फैला हुआ था यहां घूमने पहुंचे लोगों ने भी जिम्मेदारों को करंट की जानकारी दी थी । इसके बाद बावजूद भी सुधार कार्य नहीं किया गया । जिम्मेदारों ने लापरवाही बरती। सुधार काम नहीं कराया सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। जिसके चलते हादसा हुआ। मामले की जांच के बाद मालिक, मैनेजर, पर्ची काटने वाले के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
सुरक्षा खामियों के साथ गड़बड़झाला, हेराफेरी पर पार्क, रिसॉर्ट, होटल हुआ है सील-
गौरतलब है कि हादसे के बाद प्रशासन की टीम ने मौके पर दबिश दी थी तो कई प्रकार की अनियमितताएं व सुरक्षा संबंधी खामियां सामने आईं थी। 25 मई को प्रशासन की संयुक्त टीमों ने पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी के माढ़ोताल स्थित सुकून होटल बी एन्ड बी एवं घाना स्थित सुकून रिसॉर्ट में छापेमारी की थी। इस दौरान गड़बडिय़ां एवं अनियमितताएं मिली थी।
जिसके बाद दोनों को सील कर दिया गया है। सुकून होटल बी एन्ड बी आवासीय मद की भूमि थी जिसका व्यावसायिक उपयोग करने हो रहा था इसके अलावा होटल संचालन संबंधी अनुमति और फायर एनओसी नहीं थी। इसी प्रकार बरेला स्थित निसर्ग रिसॉर्ट को भी सील कर दिया गया है। माढ़ोताल खसरा नंबर 51/2/5 की जिस 6 हजार 570 वर्गफुट भूमि पर सुकून होटल बी एन्ड बी संचालित है, वह गौतम हिरानी, आशा देवी हिरानी और गोविन्द हिरानी (प्रत्येक का हिस्सा 2 हजार 190 वर्गफुट) के नाम भूमि स्वामी हक में दर्ज है। इस भूमि पर मकान निर्मित है व अभिलेख में आवासीय मद में व्यपवर्तित है, जबकि इसका उपयोग व्यावसायिक रूप में किया जा रहा है। इस भूमि को पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी द्वारा किराए पर लेकर होटल संचालित किया जा रहा है।
होटल के मैनेजर सुशील बिरहा द्वारा वर्तमान उपयोग के अनुरूप कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराये गये। होटल संचालन सबंधी अनुमति पत्र, फायर एवं अन्य दस्तावेज भी नहीं प्रस्तुत किये जा सके। होटल में सुरक्षा मानकों उपयोग नहीं किया जा रहा था। अग्निशमन यंत्र भी नहीं पाये गये थे आपतकालीन निकासी की व्यवस्था भी इस होटल में नहीं थी। निसर्ग रिसॉर्ट में केवल आंशिक भाग ही डायवर्टेड पाया गया था। इसके साथ ही रिसॉर्ट संचालक के पास फायर एनओसी नहीं थी और अग्निशमन के लिए भी कोई व्यवस्था भी नहीं पाई गई थी।
