देश में अवसरों के लोकतंत्रीकरण को दर्शाती है आईएएस में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी : डॉ. जितेंद्र सिंह

नयी दिल्ली, 27 मई (वार्ता) केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी देश में तेजी से हो रहे सामाजिक बदलाव और अवसरों के लोकतंत्रीकरण को दर्शाती है।

डॉ. सिंह आज यहां सिविल सर्विसेज ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट (सीएसओआई) में 2024 बैच के आईएएस अधिकारी प्रशिक्षुओं से बातचीत में कहा कि आज सेवा में आने वाले अधिकारी उस पीढ़ी का हिस्सा हैं, जो भारत के स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2047 में नेतृत्वकारी भूमिका में होंगे। उन्होंने कहा कि “2047 आपका होगा” और आने वाले वर्षों में देश की शासन व्यवस्था की दिशा तय करने में इन अधिकारियों की अहम भूमिका रहेगी।

उन्होंने बताया कि 2024 बैच के आईएएस अधिकारी प्रशिक्षुओं में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 41 प्रतिशत है, जो अब तक के सबसे अधिक प्रतिनिधित्व में से एक है। उन्होंने इसे समकालीन भारत में बदलती शासन संस्कृति और नई पीढ़ी की बढ़ती आकांक्षाओं का प्रतीक बताया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान बैच में इंजीनियरिंग, चिकित्सा, कानून, प्रबंधन और मानविकी जैसे विविध क्षेत्रों से अधिकारी शामिल हैं, जिससे प्रशासन में तकनीकी समझ और अंतर्विषयक सोच को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों से मिशन कर्मयोगी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल गवर्नेंस और डेटा विश्लेषण जैसे उभरते क्षेत्रों में लगातार खुद को अपडेट रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भविष्य के प्रशासकों को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ संवेदनशीलता, नैतिकता और जनसेवा की भावना को भी प्राथमिकता देनी होगी।

 

 

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