मुरैना: मुरैना जिले में एक ऐसा गांव भी है, जहां आकर विदेशी सैलानी भी दाल-रोटी का स्वाद लेते हैं. गांव के लोगों ने इसे अपनी आमदनी का जरिया बना लिया है. इस गांव का नाम है मितावली. यहां लोगों ने प्राचीन काल में बनी चौसठ योगिनी मंदिर देखने आने वाले विदेशी सैलानियो के लिए स्टे होम बनाए हैं.जानकारी के मुताबिक मुरैना जिले के मितावली गांव में चौसठ योगिनी मंदिर एक ऊंचे पर्वत पर बना हुआ है.
बताया जाता है कि इसी मंदिर की तर्ज पर भारत की संसद का पुराना भवन बनाया गया था. प्राचीन मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का निर्माण कच्छपघाट राजा देवपाल ने 1055 से 1075 ई के बीच करवाया था. मंदिर निर्माण का मुख्य उद्देश्य ज्योतिष एवं गणित की शिक्षा प्रदान करना करना था. वर्ष 1951 में इस मंदिर को प्राचीन व एतिहासिक स्मारक घोषित कर दिया गया था.
