सियासत
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा एक बार फिर इंदौर शहर कांग्रेस पर कब्जे के लिए खास रणनीति पर काम कर रहे हैं. सज्जन वर्मा ने एक समय महेश जोशी का शहर कांग्रेस से कब्जा समाप्त करने के लिए शहर कांग्रेस के भीतर महेश जोशी विरोधी नेताओं का गठबंधन बनाया था, इसी गठबंधन के चलते उन्होंने प्रमोद टंडन को शहर की कमान दिलवाई थी. बाद में विनय बाकलीवाल को शहर अध्यक्ष बनवाने वाले भी सज्जन वर्मा ही थे.
अब सज्जन वर्मा अश्विन जोशी को आगे कर रहे हैं. हालांकि एक समय सज्जन वर्मा और अश्विन जोशी में 36 का आंकड़ा था?। 2023 के विधानसभा चुनाव में अश्विन जोशी को रोकने के लिए सज्जन ने दीपक पिंटू जोशी को आगे किया था. उन्होंने पिंटू जोशी को टिकट भी दिलवा दिया, लेकिन पिंटू हार गए. चुनाव हारने के बाद पिंटू लगभग घर बैठ गए हैं. ऐसे में सज्जन वर्मा ने शहर कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए अश्विन जोशी का समर्थन किया है.
अश्विन जोशी ने भी शहर कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए अपना दावा मजबूत करने के लिए कांग्रेस के हाल के एक प्रदर्शन में मेयर के खिलाफ अभद्र भाषा का उपयोग किया. अश्विन जोशी अपने भाषाणों में हमेशा अपशब्दों का उपयोग करते हैं. पहले उनके निशाने पर कांग्रेसी रहते थे लेकिन इस प्रदर्शन में उन्होंने खास रणनीति के तहत महापौर पुष्यमित्र भार्गव को निशाना बनाया. हालांकि इससे बवाल मच गया.
दरअसल, इंदौर में कैबिनेट मंत्री प्रलहाद पटेल के भिखारी वाले बयान को लेकर कांग्रेस द्वारा आयोजित धरने में इंदौर के पूर्व कांग्रेस विधायक अश्विन जोशी ने आपत्तिजनक बात कह दी. इसके बाद सज्जन वर्मा ने मोर्चा संभाला. सज्जन वर्मा जब भी इंदौर में बोलते हैं तो उनके निशाने पर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय होते हैं. कुल मिलाकर कांग्रेस के कार्यक्रम में अश्विन जोशी और सज्जन वर्मा के बीच एक अलग केमिस्ट्री नजर आई. इस केमिस्ट्री से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के समर्थक परेशान दिखें.
