बेंगलुरु, 26 मई (वार्ता) कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु स्थित क्वांटम सुरक्षा समाधान कंपनी प्रमात्रा स्पेस ने कहा है कि उसने सीफंड वेंचर के नेतृत्व में प्री-सीड फंड सीड पूंजी जुटायी है। वर्ष 2023 में स्थापित कंपनी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि इस राउंड में रीबैलेंस, मैग्निविया वेंचर्स (अपने पार्टनर पीसफुल प्रोग्रेस फंड के साथ) और पिक्सेल स्पेस के संस्थापक अवैस अहमद जैसे कई जाने-माने एंजल निवेशकों ने निवेश में हिस्सा लिया है। कंपनी ने यह नहीं बताया है कि इस दौर में उसे कुल कितना धन मिला है। कंपनी के शुरुआती निवेशकों में अमेरिकी फंड टेकस्टार्स, रोह वेंचर के संस्थापक लीन मेहता, अलमाजेस्ट स्पेस के सह-संस्थापक रघुनाथ दास और क्रिस पोर्टफोलियो के निदेश भव्य दोषी तथा अन्य एंजल निवेशक शामिल हैं।
कंपनी ने कहा है कि उसका लक्ष्य उभरते क्वांटम दौर के लिए उद्यमों को नेटवर्क हमलों के विरुद्ध क्वांटम-रक्षा कवच प्रदान करना है। फर्म क्वांटम-सुरक्षित संचार के लिए हाइब्रिड सेटेलाइट और ज़मीनी सिस्टम बना रहा है। इसकी तकनीकें डेटा केंद्रों और अंतरिक्ष बुनियादी ढांचे के लिए एन्क्रिप्शन कुंजियों को सुरक्षित रूप से बनाने और वितरित करने के लिए क्वांटम की डिस्ट्रिब्यूशन (क्यूकेडी) का उपयोग करती है। क्यूकेडी के लिए इसके फोटोनिक समन्वित सर्किट (पीआईसी) चिप का भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास में सत्यापन और परीक्षण हो चुका है। प्रमात्रा की संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रिचा हुकुमचंद ने क्वांटन प्रौद्योगिकी के युग में साइबर सुरक्षा की महती चुनौतियों की ओर संकेत करते हुए कहा, “घड़ी की सुइयां टिक-टिक कर रही हैं, और देश को क्वांटम युग के लिए तैयार होना होगा।”
उन्होंने कहा, “ भारत ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हमेशा अपनी क्षमता से बढ़कर प्रदर्शन किया है। हमें सबसे ज़्यादा खुशी इस बात की है कि प्रतिभा, संस्थान और नीतिगत महत्वाकांक्षाएं- ये सभी क्वांटम तकनीक के लिए ठीक सही समय पर एक साथ आ रही हैं। प्रमात्रा के ज़रिए हम यह सुनिश्चित करने में अपना योगदान दे रहे हैं कि भारत न केवल क्वांटम युग में हिस्सा ले, बल्कि उसे परिभाषित करने में भी मदद करे। हमें इस बात पर गर्व है कि हम यह टेक्नोलॉजी भारत में, पूरी दुनिया के लिए बना रहे हैं। ”
कंपनी का कहना है कि दुनिया का ज़्यादातर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे कि बैंकिंग सिस्टम, डिफेंस नेटवर्क, सेटेलाइट और डेटा सेंटर, यह मानकर चलता है कि आज के मौजूदा एन्क्रिप्शन सिस्टम के साथ उनका डेटा और एप्लिकेशन सुरक्षित हैं, लेकिन बहुत जल्द यह बात सच नहीं रहेगी। क्वांटम कंप्यूटर तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं, और आज हमारे पास जो सबसे बेहतरीन एन्क्रिप्शन सिस्टम और आर्किटेक्चर मौजूद है, वह भी उनके सामने असफल हो जाएगा।

