भाजपा पदाधिकारी बनकर रेशू ने बुना था हनी ट्रैप का जाल

इंदौर: सागर से इंदौर तक फैले हनी ट्रैप नेटवर्क में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. सरगना रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी खुद को भाजपा की पदाधिकारी बताकर और फर्जी यूपीएससी चयनित होने का दावा कर नेताओं, अफसरों व कारोबारियों के बीच पहुंच बनाती रही. सोशल मीडिया और सियासी संपर्कों के सहारे उसने हाईप्रोफाइल जाल बिछाया, जिसमें कई आपत्तिजनक वीडियो के जरिए करोड़ों की उगाही की आशंका जताई जा रही है, हालांकि भाजपा ने उससे किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है.

हनी ट्रैप-2 मामले में जांच तेज होने के साथ बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं. सरगना मानी जा रही रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी ने सागर की साधारण कॉलोनी से निकलकर नेताओं, अफसरों और कारोबारियों तक पहुंच बनाते हुए नेटवर्क खड़ा किया. क्राइम ब्रांच को उसके पास से 100 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात सामने आई थी, जिनसे करोड़ों की उगाही की आशंका जताई जा रही है.

जांच में सामने आया है कि मकरोनिया क्षेत्र की निवासी रेशू ने शुरुआत स्थानीय नेताओं से संपर्क बनाकर की. धीरे-धीरे वह राजनीतिक कार्यक्रमों में सक्रिय दिखने लगी और खुद को प्रभावशाली चेहरा बनाने की कोशिश करती रही. उसने पार्षद से लेकर विधानसभा चुनाव तक दावेदारी भी जताई, लेकिन टिकट नहीं मिल सका. रेशू ने सागर के कटरा बाजार में ब्रह्मपुत्रा आईएएस एकेडमी शुरू कर खुद को यूपीएससी 2015 में चयनित बताकर प्रचार किया.

सोशल मीडिया पर बड़े नेताओं और मंत्रियों के साथ तस्वीरें डालकर उसने अपनी पहुंच का प्रभाव बनाया. अब जांच एजेंसियां कुछ तस्वीरों के एआई से तैयार होने की भी जांच कर रही हैं. कोचिंग विवादों में बंद होने के बाद रेशू का फोकस पूरी तरह नेटवर्क बनाने पर रहा. इसी दौरान उसका संपर्क 2019 के चर्चित हनीट्रैप केस से जुड़ी महिलाओं से हुआ. सूत्रों के मुताबिक तीनों ने मिलकर एक संगठित गिरोह बनाया, जो नेताओं, अफसरों, ठेकेदारों और रईस लोगों को टारगेट करता था. बताया जा रहा है कि इंदौर की बड़े होटलों में आपत्तिजनक वीडियो बनाए गए और इनके जरिए ब्लैकमेलिंग की जाती थी.

निजी जिंदगी विवादों में
रेशू की निजी जिंदगी भी विवादों में रही है. शादी के बाद पति से विवाद और केस, साथ ही पार्सल में हेराफेरी के आरोप जैसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं.

पार्टी से कोई आधिकारिक संबंध नहींः तिवारी
इधर, इस पूरे मामले को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष सागर श्याम तिवारी ने स्पष्ट किया है कि रेशू चौधरी का पार्टी से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि पार्टी ऐसे किसी भी व्यक्ति का समर्थन नहीं करती और कानून अपना काम कर रहा है. फिलहाल क्राइम ब्रांच रेशू से पूछताछ कर नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है. अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं

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