जबलपुर: आर्थिक अपराध (ईओडब्ल्यू) ने जबलपुर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये की पैतृक संपत्ति हड़पकर पेट्रोल पंप हड़पने के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है।जानकारी के अनुसार दीप्ति श्रीवास्तव निवासी स्नेह नगर, जबलपुर ने ईओडब्ल्यू में शिकायत कर बताया कि उनकी मर्जी और सहमति के बिना उनकी कानूनी मालिकाना हक वाली जमीनों पर अवैध रूप से दो बड़े पेट्रोल पंप संचालित किए जा रहे हैं।
जिसमें रिलायबल ऑटो सर्विस सालीवाड़ा, मंडला रोड (इंडियन ऑयल) और तिलवारा, नागपुर रोड, जबलपुर हिंदुस्तान पेट्रोलियम है। पीडि़ता ने शिकायत में बताया कि उनके दादा मारुति राव इंगोले के नाम पर ग्राम जोतपुर ग्राम पंचायत घूंसौर में खसरा क्रमांक 160, 163, 168 और 169 की बेशकीमती जमीनें थीं। इसके अलावा राइट टाउन में नलिनी अपार्टमेंट फ्लैट नंबर 1562 और मकान नंबर 1830/1 सहित कई अन्य पैतृक संपत्तियां थीं। आरोपी गौरव इंगोले ने इन सभी संपत्तियों के जाली और कूट रचित दस्तावेज तैयार कर उनका अवैध रूप से अपने नाम पर नामांतरण करवा लिया।
रडार पर कई, बनेंगे आरोपी
ईओडब्ल्यू की जांच में यह बात सामने आई है कि राजस्व अधिकारियों और पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना यह जालसाजी मुमकिन नहीं थी। आरोपियों ने पैतृक संपत्तियों को बेचकर जो नई संपत्तियां खरीदी हैं, ईओडब्ल्यू उनकी वित्तीय जांच कर रही है। जांच में पता चला है कि कई संपत्तियों को फर्जी तरीके से नाम कराकर आगे बेच भी दिया गया है। इस मामले में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों और अन्य मददगारों को भी जल्द ही सह-आरोपी बनाया जाएगा।
ईओडब्ल्यू ने पीडि़ता दीप्ति श्रीवास्तव की शिकायत पर दो आरोपियों के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पेट्रोलियम कंपनियों और राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। फिलहाल ईओडब्ल्यू ने आरोपी गौरव इंगोले और धीरज कराडे दोनों निवासी राइट टाउन के खिलाफ फर्जी दस्तावेज बनाना, धोखाधड़ी और साजिश रचना की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है
