कर संग्रह बढ़ाने के साथ ईमानदार व्यापारियों को मिले सुविधा और सम्मान: योगी

लखनऊ, 25 मई (वार्ता ) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि राज्य कर विभाग कर संग्रह बढ़ाने के साथ-साथ ईमानदार व्यापारियों को सुविधा, सम्मान और त्वरित समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित करे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचाने में राज्य कर विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विभाग को राजस्व वृद्धि के साथ विश्वास आधारित प्रशासन का मॉडल प्रस्तुत करना होगा। मुख्यमंत्री राज्य कर विभाग के शासन, मुख्यालय और फील्ड स्तरीय अधिकारियों के साथ विशेष बैठक कर रहे थे। उन्होंने जोनवार अधिकारियों से सीधा संवाद कर प्रत्येक अधिकारी के कार्य प्रदर्शन की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कर प्रणाली को अधिक सरल, डिजिटल और जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जीएसटी पंजीयन, रिटर्न दाखिले, अपील निस्तारण और रिफंड प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब समाप्त होना चाहिए। बैठक में बताया गया कि 21.82 लाख सक्रिय करदाताओं के साथ उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक जीएसटी करदाताओं वाला राज्य बन गया है। जीएसटी पंजीयन आवेदनों के निस्तारण की औसत अवधि प्रदेश में 8 दिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 14 दिन है।

प्रदेश में 100 प्रतिशत भौतिक सत्यापन की व्यवस्था लागू है। रिटर्न दाखिले में भी प्रदेश राष्ट्रीय औसत से आगे है। देय तिथि तक 90 प्रतिशत से अधिक करदाता रिटर्न दाखिल कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने जीएसटी और वैट मद में कुल 1,15,977 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया, जो पुनरीक्षित अनुमान का 98.8 प्रतिशत रहा। जीएसटी में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा।

जीएसटी बकाया के रूप में 2658 करोड़ रुपये जमा हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 228 प्रतिशत अधिक हैं। वैट बकाया के रूप में 800 करोड़ रुपये की वसूली हुई। प्रवर्तन इकाइयों के माध्यम से 2071 करोड़ रुपये की वसूली की गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग को कुल 1,98,071 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया है। इसमें जीएसटी का लक्ष्य 1,49,956 करोड़ रुपये तथा वैट का लक्ष्य 48,115 करोड़ रुपये है। अप्रैल 2026 में राज्य ने 10,896 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9.6 प्रतिशत अधिक है।

जोनवार समीक्षा में बताया गया कि अप्रैल 2026 में गौतमबुद्ध नगर जोन ने 1506 करोड़ रुपये के संग्रह के साथ 18 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की। सहारनपुर जोन में 35.1 प्रतिशत और वाराणसी प्रथम जोन में 33.2 प्रतिशत वृद्धि रही। मुख्यमंत्री ने अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन वाले जोनों को विशेष कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने फर्जी फर्मों और कर चोरी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि बोगस फर्मों के खिलाफ 477 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई तथा 168 गिरफ्तारियां की गईं। 7 नवंबर 2025 को एसआईटी का गठन किया गया। 180 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट ब्लॉक की गई तथा न्यायनिर्णयन कार्रवाई से 2250 करोड़ रुपये की मांग सृजित हुई।

योगी ने कहा कि 2025-26 में जीएसटी की 52,432 और वैट की 11,365, कुल 63,797 अपीलों का निस्तारण किया गया। वर्तमान में जीएसटी की 18,504 तथा वैट की 2,193, कुल 20,697 अपीलें विचाराधीन हैं। मुख्यमंत्री ने लंबित अपीलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि रिफंड व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और त्वरित बनाया जाए ताकि व्यापारियों की कार्यशील पूंजी प्रभावित न हो। प्रदेश में रिफंड निस्तारण की औसत अवधि 27 दिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 48 दिन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर कर चोरी रोकने के साथ-साथ वैध व्यापार को प्रोत्साहन देना आवश्यक है। उन्होंने व्यापारियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने, छोटे कारोबारियों को जागरूक करने तथा जिला एवं खंड स्तर तक करदाता सहायता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। जून 2026 से राज्य कर विभाग द्वारा खंड स्तर पर संवाद कार्यक्रम चलाने की कार्ययोजना भी तैयार की गई है।

 

 

 

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