जबलपुर: कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत सराफा बाजार में जेवरात की पॉलिश को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद अब बेहद गंभीर मोड़ ले चुका है. इस घटना के बाद से पूरे सराफा बाजार के व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है और क्षेत्र में तनाव का माहौल निर्मित हो गया है. विवाद इस कदर बढ़ गया कि एक पक्ष द्वारा फोन और सोशल मीडिया के जरिए अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए पीड़ित व्यापारी को जान से मारने की धमकी तक दे डाली गई. घटना से आक्रोशित सराफा व्यापारियों ने एकजुटता दिखाते हुए शनिवार की सुबह आरोपी युवक के दुकान पहुंचते ही उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया.
यह पूरा मामला मुख्य रूप से जेवरात की पॉलिश की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुआ था. प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत बीते 21 मई की रात करीब 9:30 बजे के आसपास हुई, जब सराफा बाजार में काम करने वाले दीपक साहू और एक अन्य समुदाय के कारीगर युवक के बीच काम की क्वालिटी को लेकर बहस शुरू हो गई. शुरुआती तौर पर दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी हुई, लेकिन उस समय वहां मौजूद अन्य लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया था और दोनों पक्ष अपने-अपने घर चले गए थे. लेकिन यह शांति ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और रात होते-होते इस मामूली विवाद ने एक खतरनाक रूप अख्तियार कर लिया.
पीड़ित सराफा व्यापारी दीपक साहू का आरोप है कि दुकान बंद कर घर लौटने के बाद रात में आरोपी युवक ने उनके फोन पर कॉल किया और फोन उठाते ही गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया. इतना ही नहीं, आरोपी ने इसके बाद व्हाट्सएप पर कई आपत्तिजनक ऑडियो मैसेज और वॉयस नोट्स भेजे, जिसमें पीड़ित के खिलाफ बेहद अभद्र और अमर्यादित टिप्पणियां की गई थीं. इन संदेशों में आरोपी ने पीड़ित व्यापारी को सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी भी दी थी. रातभर चले इस मानसिक उत्पीड़न और धमकी भरे संदेशों के बाद पीड़ित और उसका परिवार बेहद डर गया. सुबह होते ही यह कथित ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया, जिससे पूरे सराफा बाजार के अन्य व्यापारियों का गुस्सा भड़क उठा.
इस घटना के विरोध में पीड़ित पक्ष ने शुक्रवार की सुबह ही कोतवाली थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ नामजद लिखित शिकायत दर्ज कराई थी और पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी. वहीं, शनिवार सुबह जैसे ही आरोपी युवक रोज की तरह सराफा बाजार स्थित दुकान पर काम करने पहुंचा, वहां पहले से ही मुस्तैद व्यापारियों ने उसे घेर लिया. व्यापारियों ने तुरंत इसकी सूचना कोतवाली थाना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और व्यापारियों की मदद से आरोपी को हिरासत में लेकर थाने रवाना किया. इस घटना के बाद सराफा एसोसिएशन और स्थानीय व्यापारियों ने जिला प्रशासन और पुलिस से यह मांग की है कि सराफा बाजार में काम करने वाले सभी बाहरी कारीगरों का पुलिस सत्यापन यानी वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. फिलहाल, कोतवाली थाना पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की विस्तृत जांच और कानूनी कार्रवाई में जुट गई है.
