शिमला, 06 सितंबर (वार्ता) हिमाचल प्रदेश में हो रही लगातार बारिश से जनजीवन पर काफी असर पड़ा है और सड़क संपर्क, विद्युत आपूर्ति और जल योजनायें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शनिवार को अनुमान जताया कि आज राज्य के अधिकांश स्थानों पर गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि मंडी, कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और बिलासपुर जिलों में तेज बारिश होने के आसार हैं।
शिमला, सोलन और कुल्लू में भी मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है, जबकि अन्य जिलों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और फिसलन भरी सड़कों के कारण यातायात जाम होने की चेतावनी दी है। लोगों को गैर जरूरी यात्रा से बचने और घर में रहने की सलाह दी गयी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने कहा कि बारिश के कारण हुये भूस्खलन एवं चट्टानों के गिरने से तीन राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 1,001 सड़कें अवरुद्ध हैं।
बारिश के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है, 1,992 वितरण ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुये हैं, जबकि 472 जलापूर्ति योजनायें ठप हो गयी हैं। वर्षा से कुल्लू, मंडी और शिमला ज़िले सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं, जहां 600 से ज़्यादा सड़कें प्रभावित हुई हैं।
इस मानसून मौसम में कुल 39,795 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है, जिसमें 360 लोगों की मौत हुई है और लगभग 2,000 पशु मारे गये हैं। अकेले मंडी ज़िले में 58 मौतें दर्ज की गयी हैं, जबकि कांगड़ा एवं शिमला में क्रमशः 50 और 39 मौतें हुई हैं।
आज सुबह स्थिति और भी खराब हो गयी, जब शिमला-किन्नौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ज्यूरी के निकट एक विशाल चट्टान गिरकर सड़क पर आ गयी, जिससे स्थानीय लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर उस सड़क से गुजरना पड़ा।
शिमला के शांकली इलाके में एक विशाल पेड़ गिरने से कई खड़े वाहन क्षतिग्रस्त हो गये। कुल्लू में अखाड़ा बाज़ार में दो क्षतिग्रस्त इमारतों के मलबे से आज एक महिला समेत तीन लोगों के शव बरामद किये गये। बचाव दल अभी भी तीन अन्य लोगों की तलाश कर रहे हैं जिनके मलबे में फंसे होने की आशंका है।
इस बीच, उच्च न्यायालय ने आपदा पर ध्यान देते हुए एक राहत कोष बनाने का निर्देश दिया है, जिसमें प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए न्यायाधीशों, वकीलों और न्यायालय के कर्मचारियों से स्वैच्छिक योगदान का आग्रह किया गया है।
बारिश जारी रहने के अनुमान के मद्देनजर अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं और उन्होंने लोगों से विशेषकर भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने काे कहा है।
