
रायसेन।बंदियों के लिए पके हुए भोजन की अनुमति नहीं है। केवल मौसमी फल और पैक्ड मिठाइयां, जो जेल कैंटीन से खरीदी गई हों, उन्हें ही ले जाने की छूट दी गई है। नारियल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पूजा की थाली प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि परिजन राखी, रूमाल, चंदन और कुमकुम साथ ला सकते हैं। बीड़ी, गुटखा, तंबाकू, शराब आदि सहित कोई भी नशीला या प्रतिबंधित पदार्थ जिला जेल पठारी परिसर में लाना पूरी तरह वर्जित है। ऐसे किसी भी प्रयास को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिजनों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने वाहन जेल गेट के सामने खड़े न करें। इससे आवागमन में व्यवधान होता है और सुरक्षा में भी दिक्कत आती है।
निर्धारित समय में ही होगी मुलाकात….
कैदियों से मुलाकात का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक रहेगा, जिसमें पंजीकरण होगा। हर बंदी से अधिकतम 10 मिनट तक ही मुलाकात की अनुमति दी गई है। एक बार मुलाकात के बाद बंदी को दोबारा नहीं बुलाया जाएगा।इसलिए सभी परिजन एक साथ मिलें। परिजनों को अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या राशन कार्ड में से कोई एक दस्तावेज अनिवार्य रूप से लाना होगा। मोबाइल, पर्स, नकद राशि जैसी वस्तुएं जिला जेल पठारी के अंदर ले जाना सख्त वर्जित है।
इनका कहना है….
तलाशी और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है, लेकिन भावनाओं का सम्मान भी हमारी जिम्मेदारी है। सभी के सहयोग से ही यह आयोजन शांति और सुव्यवस्था से सपन्न हो सकता है।
रामकिशन चौरे अधीक्षक, जिला जेल पठारी रायसेन
राखी के इस पावन पर्व पर, जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं, तब जेल की चारदीवारियों में बंद कैदियों को भी अपनों का स्नेह और साथ मिल सके, इसके लिए जिला जेल पठारी में पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बंदियों से उनकी बहन परिजनों से मुलाकात करवा कर राखी बांधने का सिलसिला चलता रहेगा।
