महाविद्यालयों में गुणवत्ता वृद्धि और कक्षाओं में संसाधन के लिए उपलब्ध बजट का हो उपयोग: परमार

भोपाल, 06 जनवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं महाविद्यालयों में गुणवत्ता वृद्धि के लिए आगामी तीन माह की कार्ययोजना बनाकर वास्तविक आवश्यकता अनुरूप उपलब्ध बजट का उपयोग सुनिश्चित करें।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार श्री परमार आज यहां मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत बरबड़े सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।

श्री परमार ने कहा कि विद्यार्थियों की परीक्षाएं शासकीय संस्थानों में ही आयोजित की जाएं। उन्होंने परीक्षाओं की सुचिता बनाए रखने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री परमार ने कहा कि महाविद्यालयों के समग्र विकास में पूर्व विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के भी प्रयास किए जाएं। श्री परमार ने कहा कि समस्त पात्र विद्यार्थियों को विभागीय छात्रवृत्ति योजनाओं से लाभान्वित किए जाने की दिशा में अधिकाधिक प्रयास करें।

उच्च शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों के हितों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट आवंटन, व्यय की स्थिति एवं आगामी वित्तीय वर्ष के बजट के लिए विभागीय तैयारियों की गहन समीक्षा की। श्री परमार ने महाविद्यालयों में प्रयोगशालाओं के उन्नयन एवं मरम्मत आदि कार्यों में आवश्यकतानुरूप उपलब्ध बजट का उपयोग करते हुए महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के समग्र विकास, बेहतर अध्ययन-अध्यापन, शैक्षणिक एवं अकादमिक गुणवत्ता सुधार के लिए महाविद्यालयों में विभिन्न निर्माण एवं सुधार आदि कार्यों को समयावधि पर पूर्ण करने को कहा।

श्री परमार ने महाविद्यालयों की प्रवेश क्षमता, प्रवेशित छात्र संख्या एवं उपलब्ध सीटों पर युक्तियुक्तकरण के सम्बन्ध में व्यापक चर्चा कर महाविद्यालय में उपलब्ध अधोसंरचना अनुरूप क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने विधि महाविद्यालयों की स्थिति एवं व्यावसायिक महाविद्यालयों के संचालन की समीक्षा कर उत्तरोत्तर गुणवत्ता वृद्धि के लिए नीतिगत रूप से व्यापक कार्ययोजना बनाने को कहा है।

उन्होंने सत्र 2025-26 में विद्यार्थियों के प्रवेश की तैयारियों की समीक्षा कर, ‘कॉलेज चलो अभियान’ को सफल बनाने एवं सकल नामांकन अनुपात में उत्तरोत्तर वृद्धि करने के लिए कहा। श्री परमार ने विभागीय गतिविधियों के ऑनलाइन मोड की वर्तमान स्थिति एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने महाविद्यालयों के पूर्व विद्यार्थियों के एलुमिनाई कार्यक्रम आयोजन करने एवं संबंधित महाविद्यालय के विकास में उनकी सहभागिता करवाने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने को कहा।

श्री परमार ने विद्यार्थियों का राज्य स्तरीय डेटा सेंटर ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना के साथ क्रियान्वयन के निर्देश दिए। ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों के संयोजन से, नियत समयावधि की ‘शिक्षक प्रशिक्षण नीति’ तैयार करने की बात की। उन्होंने महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर संकाय वृद्धि एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के प्रारंभ करने को लेकर व्यापक चर्चा की।

श्री परमार ने विभिन्न छात्रवृति योजनाओं एवं लोकसेवकों से संबंधित विषयों पर भी चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। श्री परमार ने परिवीक्षा अवधि समाप्ति से वंचित लोकसेवकों की नियमानुसार परिवीक्षा अवधि समाप्ति की प्रक्रिया नियत समयावधि पर पूर्ण करने को कहा। श्री परमार ने विभागीय अधिकारियों को सभी मापदंडों के अनुरूप उच्च पद का प्रभार दिए जाने की प्रक्रिया नियत समयावधि पर पूर्ण करने को भी कहा। उन्होंने विभाग से संबंधित लंबित न्यायालयीन प्रकरणों पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। श्री परमार ने महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में पदों की पूर्ति की जानकारी प्राप्त कर, रिक्त पदों की पूर्ति प्रक्रिया नियत समयावधि पर पूर्ण किए जाने लिये भी कहा।

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