नयी दिल्ली 04 मार्च (वार्ता) केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने भारतीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को देश के खाद्य उत्पादों को दुनिया में हर बाजार में पहुंचाने का तेजी से प्रयास करने का आह्वान करते हुए कहा कि देश विश्व की खाद्य की टोकरी बनने की दिशा में अग्रसर है।
श्री पासवान ने मंगलवार को यहां भारत मंडपम में खाद्य उत्पाद प्रदर्शनी ‘आहार-2025’ के 39वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहा, “ एक दिन ऐसा आना चाहिए, जब दुनियाभर में हर खाने की मेज पर एक भारतीय व्यंजन हो। ”
इस दौरान उन्होंने भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की अपार संभावनाओं और देश की आर्थिक विकास में इसकी भूमिका को रेखांकित किया।
उन्होंने आईटीपीओ द्वारा खाद्य एवं प्रसंस्कण मंत्रालय के सहयोग से आयोजित आहार (अंतरराष्ट्रीय खाद्य एवं आतिथ्य मेला) की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कृषि अपशिष्ट को कम करना, खाद्य पदार्थों को खेत से व्यंजन की थाली तक पहुंचाने के लिए आपूर्ति शृंखला को मजबत बनाना और मूल्य संवर्धन बढ़ाना, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चि करने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का खाद्य भंडार बनने की दिशा में कार्य कर रहा और दुनिया की हर भोजन तालिका पर एक भारतीय खाद्य उत्पाद पहुंचाने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।
इस अवसर पर भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक प्रदीप सिंह खरोला, कार्यकारी निदेशक प्रेमजीत लाल, विदेशी प्रतिनिधि, प्रतिभाग और काफी संख्या में गणमान लोग उपस्थित थे। यह मेला पहली बार 1,12,000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में आयोजित किया गया है और इसमें खाद्य उद्योग की सम्पूर्ण शृंखला आयोजित की गयी है। आहार मेला में इस बार 22 देशों के 80 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
यह मेला आगंतुकों के लिए चार से आठ मार्च तक खुला रहेगा और प्रतिदिन लोग पूर्वाह्न 10 बजे से शाम छह बजे से विभिन्न खाद्य व्यंजनों का स्वाद चख सकेंगे। मेला में प्रवेश का टिकट आईटीपीओ की वेबसाइट और डीएमआरसीएमओएमईएनटीयूएम 2.0 पर उपलब्ध है।
