जबलपुर: डुमना रोड स्थित ट्रिपल आईटीडीएम परिसर में चल रहे एनसीसी कैडेट्स के प्रशिक्षण कैंप के दौरान 37 कैडेट्स अचानक बीमार पड़ गए, जिससे पूरे प्रशासनिक और मेडिकल अमले में हड़कंप मच गया. बीमार पड़े इन सभी बच्चों को आनन-फानन में जिला अस्पताल विक्टोरिया और मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है. ताजा मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, उपचार के बाद बच्चों की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है. जिला अस्पताल विक्टोरिया से स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद अब तक 12 बच्चों को छुट्टी दे दी गई है, जबकि 21 बच्चे अभी भी अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं, जिन्हें स्थिति सामान्य होने पर जल्द ही डिस्चार्ज कर दिया जाएगा.
इस पूरी घटना के संबंध में मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ट्रिपल आईटीडीएम परिसर में एनसीसी का वार्षिक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न जिलों के छात्र-छात्राएं शामिल हुए हैं. पिछले कुछ दिनों से जारी नौतपा और भीषण गर्मी के कारण गुरुवार को अचानक कैडेट्स की तबीयत बिगड़ने लगी. सबसे पहले गुरुवार की शाम को 31 बच्चों को गंभीर डिहाइड्रेशन, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत के बाद जिला अस्पताल विक्टोरिया लाया गया. इसके बाद शुक्रवार की सुबह दो और बच्चों की तबीयत खराब होने पर उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस तरह कुल 33 बच्चों को जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया था. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नवीन कोठारी ने बताया कि इन सभी बच्चों में मुख्य रूप से डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी की समस्या सामने आई थी. लगातार इलाज के बाद जो बच्चे पूरी तरह स्वस्थ पाए गए, उन्हें दोपहर 12:00 बजे तक अस्पताल से डिस्चार्ज कर सुरक्षित उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है.
इसी बीच, कैंप में बीमार पड़े चार बच्चों की हालत अधिक बिगड़ने और सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने के चलते उन्हें जिला अस्पताल से बेहतर और उच्च स्तरीय उपचार के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया था. राहत की बात यह है कि मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज पा रहे यह चारों बच्चे अब पूरी तरह से खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं. कैंप में शामिल अन्य जिलों के बच्चों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि मंडला जिले से एनसीसी कैंप में शामिल होने आईं श्रुति चौरसिया और मान्यता लोधी पिछले 8 दिनों से इस शिविर का हिस्सा हैं. उन्होंने बताया कि गुरुवार की सुबह से ही उन्हें शरीर में अत्यधिक कमजोरी, हाथ-पैरों में तेज जलन और घबराहट महसूस हो रही थी. शाम होते-होते जब हालत ज्यादा खराब हुई, तो कैंप के अधिकारियों को सूचित किया गया, जिसके बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लाया गया.
इस बड़ी घटना के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. चूंकि ट्रिपल आईटीडीएम परिसर में एनसीसी का यह कैंप अभी भी लगातार जारी है, इसलिए बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी के निर्देश पर जिला अस्पताल की दो विशेष मेडिकल टीमों का गठन किया गया है. यह मेडिकल टीमें अलग-अलग पारियों में 24 घंटे कैंप स्थल का दौरा कर रही हैं और वहां रह रहे सभी कैडेट्स के स्वास्थ्य की निरंतर मॉनिटरिंग कर रही हैं. शुक्रवार की देर रात भी इस मेडिकल टीम ने कैंप में पहुंचकर सभी बच्चों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया था. राहत की बात यह है कि कैंप में मौजूद अन्य सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं. स्वास्थ्य विभाग और एनसीसी के अधिकारी कैंप में ओआरएस घोल, ठंडे पानी और छाया की उचित व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं ताकि अन्य बच्चे इस भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से बच सकें
