मॉस्को, 06 सितंबर (वार्ता) रूस के मीडिया नियामक रोस्कोम्नाडज़ोर द्वारा अगस्त के मध्य में लगाए गए नए प्रतिबंधों का लाखों रूसी नागरिकों को सामना करना पड़ रहा है। ये प्रतिबंध रूस में सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग एप व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए की जाने वाली कॉल पर लगाए गए हैं।
बीबीसी के मुताबिक इसी समय रूसी फर्म ने मैक्स नाम से एक नए राष्ट्रीय मैसेंजर एप को लांच किया है, जिसे क्रेमलिन नियंत्रित करता है। यदि देश में व्हाट्सएप और टेलीग्राम के मासिक उपयोगकर्ताओं की आंकड़ों की बात करें तो कुल 14.30 करोड़ की आबादी में से व्हाट्सएप और टेलीग्राम के मासिक उपयोगकर्ताओं की संख्या क्रमशः 9.7 और नौ करोड़ होने का अनुमान है।
व्हाट्सएप की मालिकाना कंपनी मेटा को रूस में एक चरमपंथी संगठन घोषित किया गया है। यह एप विशेष रूप से बुजुर्ग लोगों के बीच खासा लोकप्रिय है क्योंकि इसमें पंजीकरण करना और इसका उपयोग करना बहुत आसान है। रूस के कुछ हिस्सों में खासकर दूरदराज और कम कनेक्टिविटी वाले इलाकों में व्हाट्सएप दोस्तों और सहकर्मियों के साथ चैटिंग से कहीं बढ़कर है। मोबाइल ब्राउज़िंग जब कभी-कभी बहुत धीमी हो जाती है, तो लोग स्थानीय मामलों में एक-दूसरे से बात करने, टैक्सी बुक करनेऔर खबरें साझा करने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। व्हाट्सएप और टेलीग्राम दोनों एप्स एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सुविधा देते हैं, जिसका मतलब है कि कोई भी तीसरा पक्ष यहां तक की कंपनी भी इन संदेशों को न पढ़ सकती है और न ही कॉल्स सुन सकती है।
अधिकारियों का तर्क है कि ऐप्स ने रूसी उपयोगकर्ताओं का डेटा देश में संग्रहीत करने से इनकार कर दिया, जबकि कानूनन ऐसा करना ज़रूरी है, और उनका दावा है कि स्कैमर्स मैसेजिंग ऐप्स का फायदा उठाते हैं। फिर भी, सेंट्रल बैंक के आंकड़े बताते हैं कि ज़्यादातर घोटाले अभी भी सामान्य मोबाइल नेटवर्क पर होते हैं।at they say.
मॉस्को से 180 किलोमीटर दक्षिण स्थित तुला शहर की निवासी मरीना (बदला हुआ नाम) ने कहा कि अधिकारी नहीं चाहते कि हम आम लोग किसी भी तरह के रिश्ते, संपर्क, दोस्ती या आपसी सहयोग बनाए रखें। वे चाहते हैं कि हर कोई चुपचाप अपने कोने में बैठा रहे।
नए मैक्स ऐप को पॉप स्टार और ब्लॉगर्स द्वारा जोरदार तरीके से प्रचार किया जा रहा है। साथ ही एक सितंबर से रूस में बेचे जाने वाले सभी मोबाइल फोन में मैक्स पहले से इंस्टॉल होना अनिवार्य कर दिया गया है।
इसे वीके द्वारा लॉन्च किया गया, जो इसी नाम से देश के सबसे बड़े सोशल नेटवर्क के मालिक है। फेसबुक जैसे इस प्लेटफॉर्म को तेल और गैस क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गैज़प्रोम और व्लादिमीर पुतिन के सबसे करीबी अरबपति यूरी कोवलचुक चलाते हैं। मैक्स एक सुपर-एप बनने को तैयार है, जो सरकारी डिजिटल सेवाओं और बैंकिंग सहित कई कार्यों को एक साथ एक प्लेटफॉर्म पर लाएगा। इस एप का मॉडल चीन के वीचैट की तरह है जो लोगों के दैनिक जीवन का केन्द्र है, लेकिन सरकारी सेंसरशिप और निगरानी का भी एक साधन है।
मैक्स की गोपनीयता नीति में कहा गया है कि वह तीसरे पक्ष और सरकारी निकायों को जानकारी दे सकता है, जिससे संभावित रूप से सुरक्षा सेवाओं तक पहुंच मिल सकती है या उपयोगकर्ता डेटा लीक होने का खतरा हो सकता है।
हालाँकि कई रूसी नागरिक व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर नए प्रतिबंधों और मैक्स के आने से चिंतित हैं। सरकार के पास अपने नागरिकों की जासूसी करने के लिए पहले से ही व्यापक साधन मौजूद हैं, क्योंकि सुरक्षा सेवाओं की पहुँच दूरसंचार ऑपरेटरों के बुनियादी ढाँचे तक है। इसका मतलब है कि वे यह पता लगा सकते हैं कि आप किसे कॉल करते हैं और आप कहां हैं।
इस महीने से उपभोक्ताओं के लिए अपने सिम कार्ड को अपने करीबी रिश्तेदार के अलावा किसी अन्य के साथ साझा करना भी अवैध है। मैक्स संभावित रूप से अधिकारियों को लोगों के संदेश पढ़ने की अनुमति भी दे सकता है और अब इस एप से बचना कठिन होता जा रहा है।
दस साल बाद जब रूस ने अपनी पूरी ताकत के यूक्रेन पर हमला किया तो सरकार ने मशहूर सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स और अधिक स्वतंत्र मीडिया को बाधित कर दिया तथा उन्हें केवल वीपीएन के माध्यम से ही चलने लायक बना दिया।
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