
लाखों लोग पी रहे दूषित पानी, कैंसर और हड्डियों की बीमारियों का बढ़ रहा है जोखिम, सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की अपील
नई दिल्ली, 24 जुलाई 2025
भारत में भूजल की गुणवत्ता एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है, खासकर उसमें आर्सेनिक और फ्लोराइड जैसे जहरीले तत्वों की बढ़ती मौजूदगी के कारण। पर्यावरणविदों ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है, क्योंकि यह सीधे तौर पर लाखों लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल रहा है। यह दूषित पानी देश के कई हिस्सों में पीने के पानी का मुख्य स्रोत है, जिससे कैंसर, त्वचा रोग और हड्डियों की गंभीर बीमारियों (जैसे फ्लोरोसिस) का जोखिम लगातार बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक प्रदूषण, कृषि में रसायनों का अत्यधिक उपयोग और भूगर्भीय संरचनाएं इस समस्या को बढ़ा रही हैं। दूषित भूजल उन क्षेत्रों में सबसे बड़ी चुनौती है जहाँ पाइपलाइन से स्वच्छ पानी की आपूर्ति का अभाव है। पर्यावरण संगठनों ने सरकार से इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल प्रभावी कदम उठाने की अपील की है, जिसमें भूजल की नियमित जांच, वैकल्पिक सुरक्षित पेयजल स्रोतों का विकास और लोगों में जागरूकता बढ़ाना शामिल है, ताकि इस अदृश्य खतरे से निपटा जा सके और नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।
