
मॉनसून की मार से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कृषि भूमि डूबी, विस्थापन का खतरा बढ़ा, आपदा प्रबंधन पर सवाल
नई दिल्ली, 24 जुलाई 2025
राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) की नवीनतम रिपोर्ट ने देश के कई हिस्सों में बाढ़ की गंभीर स्थिति को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस मॉनसून सत्र में बिहार, उत्तर प्रदेश और असम बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित तीन राज्य बन गए हैं। इन राज्यों में लाखों लोग बाढ़ की चपेट में हैं, उनका जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। एनआरएससी, जो उपग्रह इमेजरी का उपयोग करके देश भर में बाढ़ की निगरानी करता है, ने इन राज्यों में जलभराव की गंभीर स्थिति की पुष्टि की है।
इन तीनों राज्यों में नदियाँ उफान पर हैं, जिससे बड़े पैमाने पर कृषि भूमि डूब गई है, हजारों घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित होना पड़ा है। असम में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियाँ लगातार तबाही मचा रही हैं, जबकि बिहार और उत्तर प्रदेश में गंगा, कोसी, गंडक जैसी प्रमुख नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इस स्थिति ने इन राज्यों की आपदा प्रबंधन क्षमताओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि हर साल बाढ़ एक बड़ी चुनौती बनती है। सरकार और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों में जुटी हुई हैं, लेकिन चुनौतियों का सामना करना अभी भी जारी है।
