सिवनी। सिवनी-बालाघाट की जीवन रेखा मानी जाने वाली मां बैनगंगा नदी को स्वच्छ और संरक्षित रखने के लिए जलदूत शिक्षकों द्वारा लगातार श्रमदान किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत लखनवाड़ा घाट पर शिक्षकों ने दो दिनों तक श्रमदान कर घाट की सफाई की और श्रद्धालुओं को नदी संरक्षण के प्रति जागरूक किया। जलदूत शिक्षक गणेश गौतम, यदुराज उईके, विकास चौरे, राजेंद्र प्रसाद सोनवाने और अनिल पलवार ने शाम 5:30 से 7:30 बजे तक घाट की सफाई कर पूजन सामग्री, कपड़े, पॉलिथीन, धागे-जनेऊ, कांच के टुकड़े, झंडे और फोटो सहित करीब 125 किलो अपशिष्ट बाहर निकाला। शिक्षकों ने बताया कि इस तरह का कचरा जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाने के साथ जल अवशोषण क्षमता भी कम कर रहा है।

श्रद्धालुओं से अपील की गई कि पूजन सामग्री नदी में विसर्जित न कर निर्धारित विसर्जन कुंड में डालें तथा आटे के दीपक का उपयोग करें, जिससे जलीय जीवों को भोजन भी मिल सके। शिक्षकों ने लोगों से जल गंगा संवर्धन अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया। वहीं अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बकोड़ी के शिक्षक नंदकिशोर गौतम ने बच्चों के साथ मिलकर पौधरोपण किया और पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी व आशियाने की व्यवस्था की। पर्यावरण संरक्षण की इस पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है और लोग इसे प्रेरणादायी अभियान बता रहे हैं।
