इंदौर:भीषण गर्मी के चलते शहर में गंभीर जल संकट पैदा हो गया है. कई क्षेत्रों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. हालांकि नगर निगम द्वारा शहर के अधिकांश क्षेत्रों में नर्मदा लाइन के बावजूद कम प्रेशर और दूषित पानी आने की हर जगह से शिकायतें हैं. वहीं, वार्डों में लगे बोरिंग सूखने से स्थिति और गंभीर हो गई है. नगर निगम टैंकरों से आपूर्ति नहीं कर पा रही है. परिणामस्वरूप निजी टैंकर से दोगुनी दर पर लोगों को पानी खरीदना पड़ रहा है. इससे लोगों में भारी नाराजगी है.
वार्ड क्रमांक 64 के चितावर क्षेत्र स्थित त्रिवेणी नगर की गली नंबर तीन में पानी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है. क्षेत्र में नर्मदा पाइपलाइन से एक दिन छोड़कर केवल आधे घंटे पानी की आपूर्ति हो रही है और वह भी दूषित. ऐसे पानी के उपयोग से लोगों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. भीषण गर्मी के बावजूद इस वर्ष क्षेत्र में नगर निगम का एक भी पानी का टैंकर नहीं पहुंचा, जबकि आसपास की अन्य गलियों में नियमित रूप से टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है. नगर निगम के इस पक्षपातपूर्ण रवैये का कारण जानने पर पता चला कि नगर निगम के चुनाव में यहां के लोगों ने विरोधी पार्टी के उम्मीदवार को वोट दिए, इस कारण उन्हें यह खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.
यहां के रहवासी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं. रहवासियों के अनुसार, क्षेत्र में लगा सरकारी बोरवेल भी लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसकी मरम्मत नहीं कराई गई. पानी की कमी के कारण लोगों को अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित पानी की टंकी से पानी लाना पड़ रहा है. स्थानीय नागरिकों ने निगम प्रशासन से शीघ्र स्थायी समाधान और पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि गर्मी के मौसम में उन्हें राहत मिल सके.
यह बोले रहवासी…
एक दिन छोड़कर कभी 15 मिनट तो कभी आधा घंटा नर्मदा का पानी आता है. कई बार तो दो-चार दिन तक नल नहीं आते, पानी की इतनी कम सप्लाई के कारण परिवार की पूर्ति नहीं होती.
– प्रेमा पाल
पूरी गली पानी के लिए तरस रही है, ना नल से ना हीं टैंकर से पानी मिल रहा. क्षेत्र में सरकारी बोरिंग लगा हुआ है, लेकिन पिछले कई समय से खराब पड़ा है. डेढ़ किमी दूर स्थित पानी की टंकी से पानी लाना पड़ रहा है.
– प्रीति वर्मा
जितनी देर भी नल से पानी आता है, पूरी तरह से गंदा और बदबूदार गटर के पानी की तरह का होता है. ऐसा पानी पीकर हम तो मर जाएंगे, कोई सुनता नहीं. नलों से केवल नाम करने के लिए पानी छोड़ते हैं.
– लक्ष्मी बाई साल्वे
सभी जिम्मेदारों को पता है, हमारी गली में पानी की किल्लत है. पूरी गर्मी में एक बार भी पानी का टैंकर हमारे तरफ नहीं आया, जबकि आसपास की गलियों में बराबर पहुंच रहा है. हमारी गली में टैंकर क्यों नहीं भेजा जा रहा, सब जानते हैं.
– शीला साल्वे
क्षेत्र में होस्टल बहुत है
गली में दो टैंकर पहुंचते हैं. दिक्कत यह है कि क्षेत्र में होस्टल बहुत है और हर घर में दो हज़ार लीटर पानी देना संभव नहीं है. जून-जुलाई में वार्ड में टंकी का निर्माण किया जाएगा जिससे पानी की सप्लाई में आसानी होगी.
– मनीष शर्मा मामा पार्षद
