नयी दिल्ली, (वार्ता) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की घुसपैठियों के लिए कोई “डिटेंशन कैंप” (हिरासत केंद्र) बनाने की योजना नहीं है, बल्कि उन्हें देश से बाहर निकालने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंप दिया जाएगा।
राज्य सरकार के अतिथि गृह ‘बंग भवन’ में मीडिया को संबोधित करते हुए श्री अधिकारी ने कहा कि राज्य में “डिटेंशन कैंप” बनाए जाने की बातें पूरी तरह “काल्पनिक” हैं।
उन्होंने कहा, “हमारा रुख बिल्कुल साफ और सीधा है: पहचान करो, सूची से हटाओ और बाहर निकालो। जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उन्हें बीएसएफ के हवाले कर दिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि “पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के विपरीत, वर्तमान भाजपा सरकार घुसपैठियों को कोई शरण या विशेष सहायता नहीं करेगी। उन्हें कोई वित्तीय मदद, कपड़े, स्वास्थ्य सेवा या कानूनी सहायता नहीं दी जाएगी।”
