हरिफाटक ब्रिज के नीचे हंगामा, निर्माण हटाने पहुंची टीम का विरोध

उज्जैन: अरे साहब हम तो घर में बैठकर खाना ही खा रहे थे और अचानक जेसीबी पोकलेन बुलडोजर डंपर मौके पर पहुंच गए और मकान तोड़ दिया. अब हम परिवार को लेकर कहां जाएंगे, कहां रहेंगे, इस तरह का हंगामा हरिफाटक ब्रिज के नीचे 12 खोली क्षेत्र में उस वक्त हुआ जब ब्रिज निर्माण के तहत साइड रिक्त कर स्थान देने के लिए नगर निगम ने कार्रवाई शुरू की.

सिंहस्थ 2028 की विशाल तैयारियों के तहत शहर में बड़े पैमाने पर सड़क, पुल, रेलवे, फ्लायओवर और चौड़ीकरण के कार्य किए जा रहे हैं. लगभग 30 हजार करोड़ रुपए की विकास योजनाओं के माध्यम से उज्जैन को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा रहा है. अनुमान है कि सिंहस्थ 2028 में करीब 50 करोड़ श्रद्धालु, साधु-संत और पर्यटक उज्जैन पहुंचेंगे. इसी को ध्यान में रखते हुए महाकाल मंदिर तक यातायात को सुगम बनाने के लिए इंदौर-उज्जैन मार्ग पर हरिफाटक ब्रिज के समीप नया फोर लेन ब्रिज बनाया जा रहा है.

12 कोली क्षेत्र में हुआ घटनाक्रम
यह पूरा घटनाक्रम हरिफाटक ब्रिज के नीचे स्थित 12 खोली क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर देखने को मिला, जहां नगर निगम और प्रशासन की टीम मकान हटाने की कार्रवाई करने पहुंची थी. वर्तमान में यहां पहले से टू लेन ब्रिज बना हुआ है, जिसके समानांतर एमपीआरडीसी द्वारा नया फोर लेन ब्रिज बनाया जा रहा है. नया पुल बनने के बाद यह मार्ग कुल छह लेन का हो जाएगा, जिससे सिंहस्थ के दौरान महाकाल मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी.

30 मकानों को नोटिस जारी
नवभारत को मिली जानकारी के अनुसार ब्रिज निर्माण के लिए लगभग 30 मकानों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे. शुक्रवार को नगर निगम की टीम भवन अधिकारी राजकुमार राठौर और अधिकारी सौम्या चतुर्वेदी के नेतृत्व में पुलिस बल और प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंची. टीम ने बुलडोजर की मदद से एक मकान हटाने की कार्रवाई शुरू की.

रहवासी हुए आक्रोशित
कार्रवाई शुरू होते ही क्षेत्र के कुछ रहवासी आक्रोशित हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी किए बिना मकान तोड़े जा रहे हैं. रहवासियों का कहना था कि जब बुलडोजर चलाया गया, उस समय परिवार के सदस्य घर के अंदर खाना खा रहे थे. एक मकान मालिक राजू ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों से पहले मुआवजा देने की मांग की थी, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई शुरू कर दी गई.

मौके पर चक्काजाम
विरोध बढ़ने पर कुछ लोगों ने चक्का जाम करने की कोशिश भी की. मौके पर महाकाल थाना पुलिस, नीलगंगा थाना पुलिस, नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम ने स्थिति संभाली. अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाइश दी कि सिंहस्थ 2028 के कार्यों के लिए पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके हैं और विकास कार्यों में बाधा नहीं बनने दी जाएगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यदि कानून व्यवस्था बिगाड़ने या हंगामा करने का प्रयास किया गया तो कार्रवाई की जाएगी. इसके बाद पुलिस ने चक्का जाम करने वालों को हटाकर यातायात सामान्य कराया.

ब्रिज निर्माण के लिए जगह खाली
एमपीआरडीसी के माध्यम से तैयार किया जा रहा यह प्रोजेक्ट अब तेजी से मूर्त रूप ले रहा है. इंदौर से उज्जैन तक सिक्स लेन सड़क का निर्माण भी जारी है, वहीं रवि इंफ्रा कंपनी द्वारा नया सिक्स लेन ब्रिज तैयार किया जाएगा. इसके लिए आने वाले दिनों में बाकी मकानों को भी हटाकर पुल निर्माण हेतु जमीन खाली कराई जाएगी

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