रेल दुर्घटना पर आधारित मॉक ड्रिल से राहत-बचाव व्यवस्था की जांच

इंदौर: रतलाम मंडल द्वारा रेल दुर्घटना जैसी आपात परिस्थितियों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तत्परता, समन्वय एवं राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों का आकलन करने हेतु 21/22 मई 2026 की मध्यरात्रि व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. यह अभ्यास पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के नागदा-पिपलोदा बागला खंड के समपार फाटक क्रमांक-3 पर किया गया.

वेस्टर्न रेलवे अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार मॉक ड्रिल में परिकल्पित दुर्घटना के तहत बीसीएनई लोको क्रमांक 31083 समपार फाटक से गुजरते समय चारे से भरे मिनी ट्रक से टकरा गया, जिसमें ट्रक में सवार पांच मजदूर घायल हो गए. सूचना मिलते ही लोको पायलट ने रात 00ः16 बजे टीएलसी को जानकारी दी, जिसके बाद 00ः18 बजे डिप्टी पंख्ुअलिटी को अलर्ट किया गया. 00ः19 बजे कंट्रोल कार्यालय में कॉमन बेल बजाई गई और 00ः20 बजे हूटर बजाकर आपदा प्रबंधन तंत्र सक्रिय किया गया.

राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सेल्फ प्रोपेल्ड एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल वैन रतलाम से रवाना हुई, जो 00ः35 बजे साइडिंग से निकलकर 00ः40 बजे घटनास्थल के लिए पहुंची. मॉक ड्रिल को औपचारिक रूप से 00ः52 बजे प्रारंभ घोषित किया गया. मौके पर वरिष्ठ अधिकारी एवं मेडिकल टीम ने राहत कार्यों की निगरानी की. कंट्रोल रूम से मंडल रेल प्रबंधक रतलाम अश्वनी कुमार ने पूरे ऑपरेशन की कमान संभाली. इस दौरान डायल-112 पुलिस वाहन और 108 एम्बुलेंस भी लगभग 00ः50 बजे घटनास्थल पर पहुंचीं, जिससे बहु-एजेंसी समन्वय का सफल परीक्षण हुआ.

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