जबलपुर: मनमोहन नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीती देर रात अस्पताल में लापरवाही की सारी हदें उस वक्त पार हो गईं, जब ड्यूटी से डॉक्टर नदारद मिले और एक नर्स ने सफाई कर्मी ने 8 महीने की गर्भवती महिला का ब्लड प्रेशर नापने कह दिया। फिर क्या था वो सफाई कर्मी गर्भवती का ब्लड प्रेशर नापने लगा।
इस बदहाली को देखकर अस्पताल पहुंचे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जहा एक तरफ आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने परिसर में जमकर हंगामा किया। तो वहीं दूसरी तरफ शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं में मरीजों की जान से खिलवाड़ और अव्यवस्थाओं की बानगी भी स्पष्ट रूप से नजर आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने तत्काल एक्शन लेते हुए ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
गर्भवती महिला को अंदर ले जाने वाला नहीं था कोई
जानकारी के अनुसार बीती देर रात सड़क हादसे में घायल एक बुजुर्ग महिला को इलाज के लिए युवा कांग्रेस के शहर अध्यक्ष सोनू कुकरेले और उनके साथी मनमोहन नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। लेकिन अस्पताल के मुख्य गेट पर पहुंचते ही वहां का नजारा देखकर सब हैरान रह गए। हादसे की शिकार तड़पती बुजुर्ग महिला को अंदर ले जाने के लिए अस्पताल का कोई भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी या वार्ड बॉय मौजूद नहीं था। हालत यह थी कि गेट पर व्हीलचेयर तो रखी थी, लेकिन उसे चलाने वाला कोई नहीं था।
क्यों ड्यूटी से गायब थे?
इस पूरे मामले में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने घटना को बेहद गंभीर और चिकित्सा प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना है। मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने गुरुवार रात को ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर नरेश सोंधिया को ‘कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। डॉक्टर सोंधिया से पूछा गया है कि आपातकालीन ड्यूटी के दौरान वे अस्पताल से क्यों नदारद थे और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए?
