
चंदला/छतरपुर। छतरपुर जिले के चंदला क्षेत्र से गुजरने वाली केन नदी में नहाने गया उत्तर प्रदेश का एक 19 वर्षीय युवक गहरे गड्ढे में समा गया, जिससे पानी में डूबने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नदी में चल रहे बेतरतीब और अवैध रेत उत्खनन को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का साफ आरोप है कि रेत माफियाओं द्वारा किए गए गहरे गड्ढों के कारण ही यह दुखद घटना घटी है।
परिजनों के साथ नहाने आया था युवक, अचानक बढ़ा पानी का स्तर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के गिरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम बहेरी निवासी रोहित विश्वकर्मा (19) पुत्र मुन्नू विश्वकर्मा के रूप में हुई है। रोहित अपने परिवार के सदस्यों के साथ केन नदी में नहाने के लिए आया हुआ था। नहाते समय वह अनजाने में नदी के बीचों-बीच बने एक बेहद गहरे और खतरनाक गड्ढे की तरफ चला गया। युवक को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वह खुद को संभाल नहीं पाया और देखते ही देखते गहरे पानी में डूब गया।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से युवक को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। मामले की जानकारी देते हुए लवकुशनगर एसडीओपी (SDOP) नवीन दुबे ने बताया कि युवक के शव को नदी से सुरक्षित निकालकर तुरंत चंदला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। इसके बाद शव अंतिम संस्कार के लिए रोते-बिलखते परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
रेत माफियाओं की मशीनों ने नदी को बनाया ‘डेथ ट्रैप’, नियमों की उड़ रही धज्जियां
इस हादसे के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन और रेत माफियाओं के खिलाफ गहरा गुस्सा है। ग्रामीणों का आरोप है कि केन नदी में एलएनटी (LNT) और भारी लिफ्टर मशीनों का उपयोग कर दिन-रात अवैध रूप से रेत का उत्खनन किया जा रहा है। इस अंधाधुंध अवैध खनन के कारण नदी के सीने पर 20 से 50 फीट तक के जानलेवा गड्ढे बन चुके हैं। नदी का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह बिगड़ चुका है, जिससे नदी में चलते समय अचानक ही गहराई आ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों के मुताबिक नदी के मध्य हिस्से (जलधारा) में उत्खनन की सख्त मनाही है, लेकिन रसूखदार माफिया सरेआम नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और यह लापरवाही अब मासूमों के लिए काल साबित हो रही है।
