
बैतूल। सरकार द्वारा गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि 28 मई तक बढ़ाए जाने के बावजूद बैतूल जिले के हजारों किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा, क्योंकि केवल पूर्व में स्लॉट बुक करा चुके किसानों को ही समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने की अनुमति दी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई करने की घोषणा की थी। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया कि यह सुविधा केवल उन्हीं किसानों को मिलेगी, जिन्होंने पहले से स्लॉट बुक करा रखे हैं। इससे ऐसे किसान निराश हो गए हैं, जो लंबे समय से स्लॉट खुलने की प्रतीक्षा कर रहे थे।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार जिले में इस वर्ष 18 हजार 969 किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय के लिए पंजीयन कराया था। इनमें से केवल 12 हजार 21 किसानों के स्लॉट ही बुक हो सके, जबकि छह हजार 948 किसान ऐसे हैं, जिनके स्लॉट बुक नहीं हो पाए और अब वे समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने से वंचित रह जाएंगे।
किसानों का कहना है कि खरीदी प्रक्रिया के दौरान लगातार तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं सामने आती रहीं। कभी स्लॉट उपलब्ध नहीं हुए तो कभी सर्वर की समस्या के कारण बुकिंग प्रभावित हुई। सैटेलाइट सर्वे तथा छोटे-बड़े किसानों की श्रेणी से जुड़ी दिक्कतों के कारण भी प्रक्रिया प्रभावित हुई।
जिले में गेहूं खरीदी का प्रारंभिक लक्ष्य दो लाख 40 हजार क्विंटल निर्धारित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर चार लाख क्विंटल किया गया। इसके बावजूद अब तक छह लाख सात हजार 857 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को ऋण समायोजन के बाद 110 करोड़ 77 लाख 11 हजार 505 रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है।
वर्तमान में जिले के एक हजार 753 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने स्लॉट बुक करा लिया था लेकिन अभी तक अपनी उपज नहीं बेच पाए हैं। अब केवल इन्हीं किसानों को 28 मई तक गेहूं बेचने का अवसर मिलेगा, जबकि शेष किसानों को खुले बाजार में कम कीमत पर उपज बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
