इंदौर: इंदौर अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री, बिना प्रिस्कि्रप्शन दवाओं की होम डिलीवरी और भारी छूट के जरिए दवा कारोबार में बढ़ते अनियंत्रण के विरोध में मंगलवार को इंदौर सहित देशभर के केमिस्टों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की.इस दौरान अधिकांश दवा दुकानें बंद रहीं और संबंधित प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया. यह आंदोलन ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स तथा मध्य प्रदेश केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर किया गया, जिसमें इंदौर जिले के सैकड़ों केमिस्ट और दवा विक्रेताओं ने भाग लिया.
ज्ञापन में कहा गया कि बिना वैध और सत्यापित ई-प्रिस्कि्रप्शन के दवाओं की बिक्री, फर्जी प्रिस्कि्रप्शन का उपयोग और बिना चिकित्सकीय परामर्श दवा वितरण जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है. केमिस्टों का कहना है कि इससे देशभर के लाखों लाइसेंसधारी छोटे दवा व्यापारियों के अस्तित्व पर भी संकट खड़ा हो रहा है. दवा विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर स्पष्ट प्रावधान नहीं हैं, इसके बावजूद कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म लगातार दवा बिक्री कर रहे हैं.
उन्होंने वर्ष 2018 की अधिसूचना जीएसआर 817(ई) को अप्रासंगिक बताते हुए तथा कोविड काल में जारी जीएसआर 220(ई) के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इनका इस्तेमाल अब सामान्य परिस्थितियों में अनियंत्रित ऑनलाइन डिलीवरी के लिए किया जा रहा है. केमिस्ट संगठनों ने सरकार से अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल सख्त कार्रवाई, बिना सत्यापित ई-प्रिस्कि्रप्शन दवा बिक्री और होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध, जीएसआर 817(ई) और जीएसआर 220(ई) की वापसी तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की अत्यधिक छूट और नीति पर रोक लगाने की मांग की है.
ठोस कार्रवाई नहीं तो आंदोलन तेज होगा
साथ ही कहा गया कि दवा विक्रेता देश की स्वास्थ्य आपूर्ति व्यवस्था की रीढ़ हैं और कोविड महामारी के दौरान भी उन्होंने निर्बाध दवा आपूर्ति सुनिश्चित की थी. संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
