सागर। प्रदेश में हाल ही में यात्री बसों में आग लगने की घटनाओं के मद्देनज़र जानमाल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बस संचालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों द्वारा बस संचालकों को अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।बैठक में बताया गया कि सभी एसी बस संचालक अपने वाहनों में लगे एसी सिस्टम की नियमित जांच कराएं तथा प्रत्येक तीन माह में उसकी मेंटेनेंस एवं साफ-सफाई सुनिश्चित करें। अधिकारियों ने कहा कि साफ-सफाई नहीं होने से एसी कम्प्रेसर ओवरहीट होकर शॉर्ट सर्किट एवं आग लगने का कारण बन सकता है।सभी यात्री बसों में निर्धारित मानक के अग्निशमन यंत्र रखने तथा ड्राइवर एवं कंडक्टर को अग्निशमन यंत्र चलाने का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए, ताकि आपात स्थिति में तत्काल आग पर काबू पाया जा सके।बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सभी एसी बसों में एफडीएसएस (फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम) लगाया जाए। वहीं सभी स्लीपर कोच बसों को एआईएस-119 मानकों के अनुरूप तैयार कराने के निर्देश दिए गए। जिन बस संचालकों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे, उन्हें 25 मई 2026 तक वाहनों का भौतिक सत्यापन क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय, सागर में कराने को कहा गया।इसके अलावा ड्राइवर एवं कंडक्टरों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर महत्वपूर्ण निर्देश एवं आकस्मिक परिस्थितियों में सहायता संबंधी सूचनाएं साझा करने की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया।बैठक में बस संचालकों से कहा गया कि वे अपने वाहनों की नियमित जांच करें तथा यह सुनिश्चित करें कि यात्री वाहनों में पेट्रोल, डीजल, केरोसिन एवं अन्य ज्वलनशील या विस्फोटक सामग्री का परिवहन न हो।
