तेहरान, 19 मई (वार्ता) ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात के बराकाह परमाणु संयंत्र पर कथित हमले को लेकर जर्मनी के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ पर अंतरराष्ट्रीय कानून के मामले में दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने मंगलवार को कहा कि पश्चिमी देश अंतरराष्ट्रीय कानून को अपने राजनीतिक हितों के अनुसार लागू करते हैं। उन्होंने कहा, “ अमेरिका और इजरायली शासन द्वारा ईरान की सुरक्षित परमाणु सुविधाओं पर खुले हमलों की निंदा करने के बजाय उन्हें उचित ठहराया जाता है। ”
श्री बघाई ने आरोपों की प्रकृति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि संयुक्त अरब अमीरात ने अब तक आधिकारिक रूप से ड्रोन हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। उन्होंने कहा, “ जब एक संदिग्ध ‘फॉल्स फ्लैग’ अभियान होता है, जिसकी जिम्मेदारी तक यूएई ने आधिकारिक तौर पर ईरान पर नहीं डाली, तब वही देश अचानक अंतरराष्ट्रीय कानून और क्षेत्रीय सुरक्षा की दुहाई देने लगते हैं।”
उन्होंने कहा कि यदि परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा वास्तव में एक सिद्धांत है, तो यह सभी देशों पर समान रूप से लागू होना चाहिए, न कि केवल तब जब इससे पश्चिमी देशों के राजनीतिक हित पूरे होते हों।
ईरानी प्रवक्ता ने अपने बयान में जर्मन साहित्य का भी उल्लेख किया और लेखक हाइनरिख फॉन क्लाइस्ट के प्रसिद्ध नाटक द ब्रोकन जग के पात्र ‘जज एडम’ का उदाहरण देते हुए जर्मनी पर नैतिक पाखंड का आरोप लगाया। ईरानी समाचार एजेंसी आईएसएनए ने मर्ज़ की तुलना उस न्यायाधीश से की, “जो स्वयं अपराधी है, लेकिन न्याय का रक्षक होने का दिखावा करता है।”
श्री बघाई ने कहा कि जर्मनी एक ओर ईरान की सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना करता है और दूसरी ओर पश्चिमी देशों तथा उनके क्षेत्रीय सहयोगियों की कार्रवाइयों को नजरअंदाज करता है।
यह विवाद उस घटना के बाद सामने आया है, जिसमें रविवार को संयुक्त अरब अमीरात ने पुष्टि की थी कि अल धफरा क्षेत्र स्थित बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र के बाहरी हिस्से में लगे एक बिजली जनरेटर पर ड्रोन हमला हुआ।
यूएई अधिकारियों ने कहा कि संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘आतंकवादी हमला’ और ‘अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन’ करार दिया।
संयुक्त अरब अमीरात ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से शांतिपूर्ण परमाणु ढांचे की सुरक्षा संबंधी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के मानकों को लागू कराने की अपील भी की। यूएई ने चेतावनी दी कि इस प्रकार के हमले नागरिकों, पर्यावरण और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। शादाब.श्रवण
