नयी दिल्ली 31 जुलाई (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मालेगांव बम विस्फोट के मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया है और कहा है कि देश पर हिंदू आतंकवाद को जबरन थोपने का उसका षड्यंत्र धराशायी हो गया है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता रवि शंकर प्रसाद ने 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अदालत का फैसला आने के बाद गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज एक ऐतिहासिक दिन है। हिंदू आतंकवाद को देश के ऊपर जबरन थोपने का जो कांग्रेस पार्टी का षडयंत्र था, वो आज धराशायी हो गया। उन्होंने कहा, “ये बात हम बहुत जिम्मेवारी के साथ कहना चाहते हैं कि मालेगांव विस्फोट मामले में अदालत के फैसले में में कहा गया है कि किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई पर्याप्त सबूत नहीं है। अभियोजन पक्ष मामले को साबित नहीं कर सका।”
उन्होंने कहा कि इस मामले में सेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे कर्नल पुरोहित आरोपी थे, जिन्होंने कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ी हैं, उनको फंसाया गया। उनके घर से आरडीएक्स निकला था। वहीं, पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को लेकर कहा गया कि उनकी मोटरसाइकिल से बम लाया गया था। उन्हें 10-12 दिन तक इतना प्रताड़ित किया गया कि उनका चलना भी मुश्किल हो गया था। इस मामले में सेना के कई पदाधिकारी तथा और अन्य लोगों को फंसाया गया।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि यह मामला कांग्रेस की सोची-साची रणनीति थी और विशुद्ध रूप से वोट बैंक की राजनीति के लिए रचि गयी थी। उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने 25 अगस्त, 2010 को पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए ‘भगवा आतंकवाद’ का मुद्दा उठाया था। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री रहते हुए सुशील कुमार शिंदे ने भी ‘भगवा आतंकवाद’ का ज़िक्र किया था। उन्होंने कहा, “आपको यह भी याद होगा कि मौजूदा समय में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कैसे कहा था कि हिंदू आतंकवाद लश्कर-ए-तैयबा से भी ज़्यादा ख़तरनाक है।”
उन्होंने इस मामले को लेकर श्री राहुल गांधी और श्रीमती सोनिया गांधी से माफी की मांगने की मांग की।
