इंदौर: मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की सोमवार को आयोजित समय सीमा बैठक में प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति, उपभोक्ताओं से बेहतर संवाद और समय पर राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. हालांकि बैठक में दिए गए निर्देशों ने एक बार फिर बिजली व्यवस्था की मौजूदा खामियों और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
एमडी ने साफ कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, लेकिन हकीकत यह है कि उपभोक्ता लंबे समय से बिजली कटौती, ट्रिपिंग, खराब मेंटेनेंस और शिकायतों के निराकरण में देरी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. बैठक में अधिकारियों को विशेष रूप से उपभोक्ताओं और जनप्रतिनिधियों से बेहतर संवाद बनाने की नसीहत देना भी इस बात का संकेत माना जा रहा है कि विभाग की छवि और कार्यशैली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं. राजस्व वसूली को प्राथमिकता देने के निर्देश ऐसे समय दिए गए हैं जब आम उपभोक्ता बढ़े हुए बिजली बिलों और बार-बार जारी होने वाले बकाया नोटिसों से परेशान हैं. विभाग उपभोक्ता सुविधाओं में सुधार से ज्यादा वसूली पर फोकस करता नजर आ रहा है.
पिछले वित्तीय वर्ष की रिपोर्ट मांगी
बैठक में अधिकारियों से पिछले वित्तीय वर्ष के राजस्व संग्रहण, विजिलेंस कार्रवाई, शिकायत निवारण, मीटरीकरण और परियोजना कार्यों की रिपोर्ट मांगी गई. साथ ही स्पष्ट किया गया कि आगामी पदस्थापना में इन्हीं रिपोर्टों को आधार बनाया जाएगा. इससे विभागीय अधिकारियों पर दबाव की स्थिति भी बन सकती है.
मेंटेनेंस की समय पर सूचना दें
एमडी ने वर्षाकाल पूर्व तैयारी, बिजली सामग्री का स्टॉक बनाए रखने और मेंटेनेंस की समय पर सूचना देने के निर्देश भी दिए, जबकि हर वर्ष बारिश के दौरान शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था चरमराने की शिकायतें सामने आती रही हैं. बैठक में प्रकाश सिंह चौहान, गजरा मेहता, एसएल करवाड़िया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे
