
राजनगर/छतरपुर। जिला मुख्यालय के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सोमवार को एक बेहद सनसनीखेज और दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। विक्रमपुर गांव के पूर्व सरपंच महुम सिंह उर्फ हल्के राजा पर अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस जानलेवा हमले में पूर्व सरपंच गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में उपचार के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
रास्ते में रोककर चार वाहनों से आए बदमाशों ने की गोलीबारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच महुम सिंह उर्फ हल्के राजा सोमवार को छतरपुर जिला मुख्यालय से किसी काम को निपटाकर वापस अपने गांव विक्रमपुर लौट रहे थे। इसी दौरान जैसे ही वे इमलिया गांव के समीप पहुंचे, तभी अचानक चार फोर-व्हीलर वाहनों में सवार होकर आए बदमाशों ने उनके वाहन को घेर लिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने उन पर कई राउंड कट्टे और बंदूकों से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
भतीजे ने बयां किया आंखों देखा हाल
घटना के संबंध में घायल पूर्व सरपंच के भतीजे योगेन्द्र देव बुन्देला ने बताया कि उनके चाचा महुम सिंह छतरपुर से लौटकर विक्रमपुर जा रहे थे, तभी इमलिया गांव के पास पहले से घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने वाहनों से उतरकर उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। योगेन्द्र देव ने बताया कि चाचा को कितनी गोलियां लगी हैं, इसकी सटीक जानकारी अभी नहीं मिल पाई है, क्योंकि डॉक्टरों की टीम लगातार उनके इलाज और उन्हें स्थिर करने में जुटी हुई है।
मौके से फरार हुए हमलावर, जांच में जुटी भारी पुलिस बल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर अपने वाहनों सहित मौके से तेजी से फरार हो गए। गोलियों की आवाज से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और दहशत फैल गई। स्थानीय नागरिकों और परिजनों की मदद से लहूलुहान हालत में पूर्व सरपंच को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना की सूचना मिलते ही राजनगर थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने जिले भर में नाकाबंदी कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। प्राथमिक तौर पर इस खूनी हमले के पीछे पुरानी रंजिश या जमीनी विवाद की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को शिनाख्त कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
