नयी दिल्ली, 18 मई (वार्ता) देश के अग्रणी बिजली उत्पादक समूह एनटीपीसी ने झारखंड में समूह की पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड कंपनी द्वारा विकसित किये जा रहे बिजली घर की 800 मेगावाट क्षमता की दूसरी इकाई में उत्पादन का परीक्षण पूरा कर लिया है और यह पूरी तरह सफल रहा है। एनटीपीसी ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में बताया कि इसके साथ ही समूह की कुल स्थापित क्षमता 90 गीगावाट (90,000 मेगा वाट) को पार कर गयी है। पतरातू बिजली घर में आठ-आठ सौ मेगावाट क्षमता की फिलहाल कुल तीन इकाइयां स्थापित की जानी है। कंपनी ने कहा है, ‘ यह उपलब्धि देश के लिए एक स्वस्थ और ऊर्जा की दृष्टि से सुरक्षित भविष्य के विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।’
पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की स्थापना 15 अक्टूबर, 2015 को हुई थी। इसमें एनटीपीसी लिमिटेड 74 प्रतिशत की हिस्सेदार है। शेष 26 प्रतिशत हिस्सा झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के पास है। कंपनी नई तकनीकों और संसाधनों के इष्टतम उपयोग , कुशल और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से विश्वसनीय और किफायती बिजली प्रदान करने की प्रतिबद्धता के साथ स्थापित की गयी है। एनटीपीसी समूह की देश में स्थापित क्षमता 90,000 मेगा वाट से अधिक हो गयी है और इस समय कुल लगभग 32,000 मेगा वाट क्षमता निर्माणाधीन है। समूह ने 2032 तक कुल 1,49,000 मेगावाट क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से 60,000 मेगा वाट क्षमता शामिल है। एनटीपीसी ने 2025-26 में सौर, पवन और पंप स्टोरेज परियोजनाओं के माध्यम से कुल 5,488 मेगावाट की नवीकरणीय बिजली उत्पादन क्षमता जोड़ी है। एनटीपीसी ने ताप बिजली उत्पादन परियोजनाओं के अलावा कई नए व्यावसायिक क्षेत्रों में भी विस्तार किया है, जिनमें ई-मोबिलिटी, बैटरी स्टोरेज, पंप हाइड्रो स्टोरेज, कचरे से ऊर्जा , परमाणु ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन समाधान शामिल हैं।

