जयराम ने धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस

नयी दिल्ली, 18 मई (वार्ता) कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन को विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

श्री रमेश ने सोमवार को सभापति को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री ने 15 मई को संवाददाता सम्मेलन में संसद और संसदीय समितियों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बयान दिया है। श्री प्रधान ने संवाददाता सम्मेलन में चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट से जुड़े सवालों पर संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का व्यवहार अनुचित है इसलिए श्री रमेश ने कार्य संचालन नियमावली 187 के तहत शिक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन को नोटिस दिया है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अपने नोटिस में उन्होंने कहा है कि मंत्री ने समिति में विपक्षी सदस्यों के होने का हवाला देते हुए अप्रत्यक्ष रूप से समिति की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने लिखा कि संसदीय स्थायी समिति ‘लघु संसद’ की तरह काम करती है क्योंकि इसमें सभी दलों के सदस्य शामिल होते हैं। यह समिति सरकार को जवाबदेह बनाती है, खासकर शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में जहां लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा होता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का यह बयान समिति की गरिमा को कम करता है और संसद की सर्वोच्चता को चुनौती देने वाला है। संसदीय स्थायी समिति ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कई सुधारात्मक सुझाव दिए थे, जिन्हें मंत्री ने खारिज करने का संकेत दिया है। कांग्रेस ने इस मामले में सरकार पर लापरवाही और परीक्षा माफिया से निपटने में नाकामी का आरोप लगाया है।

राज्यसभा के सभापति अब इस विशेषाधिकार नोटिस पर संज्ञान लेंगे। यदि नोटिस स्वीकार कर लिया जाता है तो शिक्षा मंत्री को सदन में स्पष्टीकरण देना पड़ सकता है।

गौरतलब है कि 2026 की नीट परीक्षा में पेपर लीक मामले के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षा रद्द कर दी थी। इस मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो जांच कर रहा है और 21 जून को परीक्षा दोबारा कराने का प्रस्ताव है।

 

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