मुंबई, 18 मई (वार्ता) कोटक अल्टरनेट एसेट मैनेजर्स लिमिटेड (कोटक अल्ट्स) ने अपने कोटक लाइफ साइंसेज फंड-1 के माध्यम से सेलोजीन थेरेप्यूटिक्स में 20 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
सेलोजीन एक जैव-प्रौद्योगिकी कंपनी है, जो सेल और जीन थेरेपी पर केंद्रित है। कंपनी इस पूंजी का उपयोग अपने सीएआर-टी क्लिनिकल प्रोग्राम्स को आगे बढ़ाने, उसकी जीन थेरेपी पाइपलाइन का विस्तार करने और जीएमपी – अनुपालन निर्माण एवं नियामकीय क्षमताओं को मजबूत करने में करेगी। कोटक लाइफ साइंसेज फंड-1 प्रारंभिक से विकास चरण की प्राणी विज्ञान और स्वास्थ्य क्षेत्र की कंपनियों में निवेश करता है।
कोटक अल्ट्स के निदेशक आशीष रंजन ने कहा, “भारत में रक्त कैंसर और आनुवंशिक रक्त विकारों का बोझ बहुत अधिक है, लेकिन सीएआर-टी और जीन थेरेपी जैसी उन्नत चिकित्सा तक पहुंच अभी भी सीमित है। इसके पीछे मुख्य वजह इसकी ऊंची लागत है। सेलोजीन इस अंतर को आईपी-आधारित स्वदेशी प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से दूर करने का प्रयास कर रही है, जो अगली पीढ़ी के विज्ञान और किफायती विकास का समायोजन करता है। इसका बायस्पेसिफिक सीएआर-टी प्रोग्राम कंपनी को वैश्विक स्तर पर उन्नत मल्टी-टार्गेटेड सीएआरटी दृष्टिकोण पर काम करने वाले चुनिंदा समूहों में शामिल करता है।” साल 2021 में स्थापित सेलोजीन थेरेप्यूटिक्स उन्नत सेलुलर इंजीनियरिंग और जीन थेरेपी के क्षेत्र में कार्य करती है।
इसे बायस्पेसिफिक, ड्यूल-एंटीजन सीएआर-टी में महारत है, जिसका उद्देश्य वर्तमान उपचारों में होने वाली पुनरावृत्ति की समस्या को कम करना है। कंपनी, नियामकीय स्वीकृतियों के अधीन, सीएमसी वेल्लोर के सहयोग से फेज-1 मानव क्लिनिकल परीक्षण शुरू करने की दिशा में काम कर रही है। कोटक अल्ट्स की स्थापना 2005 में हुई थी और इसने निजी इक्विटी, रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेशल सिचुएशंस फंड, प्राइवेट क्रेडिट और निवेश सलाहकार सहित विभिन्न एसेट क्लास में 22 अरब डॉलर से अधिक की राशि जुटाई है।

