मथुरा/वृंदावन | वृंदावन के सुप्रसिद्ध और देश-विदेश में बेहद लोकप्रिय आध्यात्मिक संत प्रेमानंद महाराज का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ने के कारण उनके नियमित कार्यक्रमों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। उनके आधिकारिक आश्रम ‘श्री राधा हित केली कुंज’ द्वारा डिजिटल मीडिया पर जारी की गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, पिछले दो दिनों से महाराज जी शारीरिक रूप से अस्वस्थ चल रहे हैं। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए उनकी बेहद लोकप्रिय ‘एकांत वार्ता’ और तड़के होने वाली ‘पदयात्रा’ को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। गौरतलब है कि महाराज जी प्रतिदिन सुबह 3:00 बजे वृंदावन के परिक्रमा मार्ग पर अपनी पदयात्रा शुरू करते थे, जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए सड़कों पर कतारबद्ध खड़े रहते थे, परंतु अब आश्रम ने भक्तों से अपील की है कि वे फिलहाल सड़कों और आश्रम के बाहर भीड़ न लगाएं।
आश्रम प्रबंधन और कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, प्रेमानंद महाराज पिछले लगभग 20 वर्षों से किडनी (वृक्क) की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, जिसके कारण उनकी दोनों किडनियां पूरी तरह काम करना बंद कर चुकी हैं। उनके उचित स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए डॉक्टरों की एक विशेष टीम की देखरेख में उनके निजी आवास पर ही सप्ताह में नियमित रूप से डायलिसिस किया जाता है। इस जटिल डायलिसिस प्रक्रिया को पूरा होने में हर बार 5 से 6 घंटे का लंबा समय लगता है। इस बार अत्यधिक भीषण गर्मी और शारीरिक थकान के चलते उनके स्वास्थ्य मापदंडों में उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिसके कारण डॉक्टरों ने उन्हें पूर्ण विश्राम करने और किसी भी प्रकार के बाहरी संवाद या शारीरिक श्रम से बचने की सख्त कूटनीतिक सलाह दी है।
संत प्रेमानंद महाराज वर्तमान में सोशल मीडिया पर आध्यात्मिक और सकारात्मक जीवन शैली के सबसे बड़े मार्गदर्शक के रूप में स्थापित हैं, जिनके प्रवचनों को करोड़ों लोग सुनते हैं। उनके दर्शन करने और जीवन की कूटनीतिक उलझनों का समाधान पाने के लिए देश के राजनेताओं से लेकर फिल्म और खेल जगत की नामचीन हस्तियां लगातार वृंदावन पहुंचती रही हैं। अब तक देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत सहित भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा जैसी दिग्गज शख्सियतें उनके चरणों में शीश नवा चुकी हैं। आश्रम प्रशासन ने देश भर के करोड़ों प्रशंसकों को आश्वस्त किया है कि महाराज जी की स्थिति पूरी तरह स्थिर है और स्वास्थ्य में सुधार होते ही वे पुनः भक्तों को कूटनीतिक दर्शन देना शुरू करेंगे।

