नई दिल्ली | दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार सुबह आम आदमी पार्टी (AAP) के कद्दावर नेता दीपक सिंगला और उनसे जुड़े कुछ अन्य सहयोगियों के ठिकानों पर एक साथ बड़ा छापा मारा। जांच एजेंसी की यह कूटनीतिक कार्रवाई बैंक लोन फ्रॉड (कर्ज धोखाधड़ी) और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले में की गई है। आधिकारिक सूत्रों से डिजिटल मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार, ईडी की विशेष टीमों ने दिल्ली और गोवा के कई वीआईपी और व्यावसायिक ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) शुरू किया है। दीपक सिंगला आम आदमी पार्टी के बेहद सक्रिय नेताओं में गिने जाते हैं और वह दिल्ली की विश्वास नगर विधानसभा सीट से पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार भी रह चुके हैं, जिसके कारण इस कार्रवाई के बाद सियासी तापमान बढ़ गया है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, ईडी की टीम ने सिंगला के परिसरों से वित्तीय लेन-देन, संदिग्ध बैंक खातों, अचल संपत्तियों और विदेशी निवेश से जुड़े कई कूटनीतिक दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है। केंद्रीय एजेंसी इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि बैंक ऋण में कथित तौर पर की गई अनियमितताओं के जरिए जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कहीं अवैध संपत्तियां बनाने या चुनावी कूटनीति में तो नहीं किया गया। गौरतलब है कि इससे पहले साल 2024 में भी ईडी ने सिंगला के ठिकानों पर कड़ा एक्शन लिया था। हालांकि, मौजूदा छापे को लेकर आम आदमी पार्टी या खुद दीपक सिंगला की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या सफाई सामने नहीं आई है, जबकि जांच एजेंसी के आला अधिकारी डिजिटल साक्ष्यों और कंप्यूटर हार्ड डिस्क को खंगालने में जुटे हैं।
इसी कूटनीतिक सिलसिले में ईडी ने दिल्ली के ही सुभाष नगर इलाके में एक और समानांतर कार्रवाई करते हुए बड़े निवेश धोखाधड़ी (इन्वेस्टमेंट फ्रॉड) मामले में अपनी पकड़ मजबूत की है। एजेंसी ने यहाँ ‘बाबाजी फाइनेंस ग्रुप’ से जुड़े परिसरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिसमें राम सिंह नाम के एक मुख्य प्रमोटर का नाम प्रमुखता से प्रकाश में आया है। अधिकारियों का दावा है कि इस समूह ने आम जनता को ऊंचे रिटर्न का लालच देकर निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये जुटाए और अंततः करीब 180 करोड़ रुपये की भारी-भरकम वित्तीय ठगी को अंजाम दिया। सूत्रों का कहना है कि ईडी अब इन दोनों ही मामलों में जब्त किए गए डिजिटल रिकॉर्ड्स और बैंकिंग ट्रांसफर कड़ियों को आपस में जोड़ रही है, और आने वाले दिनों में कई बड़े चेहरों को पूछताछ के लिए समन जारी कर जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।

