सतना:कभी औद्योगिक गतिविधियों और माल परिवहन के लिए पहचान रखने वाला सतना अब स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के लिए संकट का केंद्र बनता जा रहा है. शहर के परिवहन व्यवसायियों के सामने रोजी-रोटी का संकट गहराने लगा है. ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि पहले जहां स्थानीय वाहन मालिकों को नियमित रूप से काम मिल जाता था, वहीं अब हालात ऐसे बन चुके हैं कि वाहन कई दिनों तक खड़े रहते हैं और किस्त, टैक्स तथा डीजल का खर्च निकालना तक मुश्किल हो रहा है.
स्थानीय परिवहनकर्ताओं का आरोप है कि बाहरी कंपनियों और बाहरी ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का दखल लगातार बढ़ता जा रहा है. जिले की औद्योगिक इकाइयों और सीमेंट कंपनियों से निकलने वाले परिवहन कार्यों में स्थानीय लोगों की भागीदारी कम होती जा रही है, जिससे शहर का ट्रांसपोर्ट कारोबार प्रभावित हो रहा है. व्यापारियों का कहना है कि इसका सीधा असर ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है.
ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों ने यह भी कहा कि लगातार बढ़ती डीजल कीमतें, महंगाई, टैक्स व्यवस्था और शहर की अव्यवस्थित नो-एंट्री व्यवस्था ने स्थिति को और खराब कर दिया है. कई बार वाहनों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे समय और आर्थिक नुकसान दोनों बढ़ रहे हैं.
इन मुद्दों को लेकर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) सतना इकाई और सतना मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की संयुक्त बैठक ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कार्यालय में आयोजित की गई. बैठक में व्यापार और परिवहन क्षेत्र की बिगड़ती स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई.
बैठक में सतना मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज शर्मा ने कहा कि यदि समय रहते स्थानीय व्यापारियों और परिवहनकर्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में शहर का स्थानीय ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पूरी तरह कमजोर हो सकता है. वहीं महामंत्री अभिषेक जैन ने जीएसटी व्यवस्था और बढ़ते आर्थिक बोझ को भी परिवहन कारोबार के संकट का बड़ा कारण बताया.
बैठक में स्थानीय परिवहनकर्ताओं को माल ढुलाई में प्राथमिकता देने, ट्रांसपोर्ट भाड़े में वृद्धि करने और शहर की ट्रैफिक एवं नो-एंट्री व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई गई. व्यापारियों ने शासन और प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर स्थानीय व्यापार एवं परिवहन क्षेत्र को राहत देने की मांग की है.
बैठक में कैट प्रदेश सचिव अशोक दौलतानी, सतना मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज शर्मा, महामंत्री अभिषेक जैन, मनोहर वाधवानी, संदीप मंगल, जितेंद्र साबनानी, महेंद्र जैन, दीपक वाधवानी, रोहित अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और परिवहनकर्ता मौजूद रहे.
